ओ-ओ ढुर्रररर... नाम से इस खुली कार्यशाला मे न केवल इन्होने अपनी कला के माध्यम से प्रचलित शव्दों को पिरोया है बल्कि वहां पर घुम रहे आवारा पशुओं गाय गोधों के तिलक लगाकर मौली बांधकर उन्हे विशेष सम्मान देते हुए सरकारी उदासनीता पर कटाक्ष किया। इस मामले मे उन्होने न केवल सरकारी उदासीनता की तरफ आकर्षित किया है बल्कि गौ-संस्थाओं के माध्यम से हो रहे घोटालों और वहां काम कर रहे कर्मचारियों की पशुओं के प्रति लापरवाही को भी प्रकाश मे लाने की एक सफल कोशिश की है।
बीकानेर १५ जुलाई । भगत सिंह ब्रिगेड संस्था के बैनर तले संजीदा कलाकारों ने प्रशासन की पशुओं की खुले मे विचरण व्यवस्था के विरोध मे सडको पर आते हुए अपनी तुलिका से प्रशासन और जनता का ध्यान इन आवारा पशुओं की ओर आकष्र्ात करने के उद्देश्य से अपने त्रिदिवसीय कार्यशाला समापन आज पब्लिक पार्क मे लिलि पौण्ड पर किया। ओ-ओ ढुर्रररर... नाम से इस खुली कार्यशाला मे यहां पर इन्होने न केवल पर अपनी कला के माध्यम से प्रचलित शव्दों को पिरोया बल्कि वहां पर घुम रहे आवारा पशुओं गाय गोधों के तिलक लगाकर मौली बांध उन्हे विशेष सम्मान देते हुए सरकारी उदासनीता पर कटाक्ष किया। इस मामले मे उन्होने न केवल सरकारी उदासीनता की तरफ आकर्षित किया है बल्कि गौ-संस्थाओं के माध्यम से हो रहे घोटालों और वहां काम कर रहे कर्मचारियों की पशुओं के प्रति लापरवाही को भी प्रकाश मे लाने की एक सफल कोशिश की है। इन कलाकरों का कहना ये तो अबोले जीव है जिनको इन संस्थाओं के कर्मचारि दुहने का बाद खुले मे छोड देते है और इनके नाम पर मिल रही सरकारी सहायता, सेठों, आम जनता की तरफ से दीये गये दान को भी हजम कर जाते है। खुले होने से इनको तो नुकसान होता ही है इसमे जनता को भी कई बार भारी परेशानी का सामना करना पडता जिनके उदाहरण हम समाचारों मे नियमित पढते रहते है जैसे बच्चे को गोधे ने कुचला, बुजूर्ग महिला को गायो ने सिंग से मारा, आवारा गोधे ने बाजार मे उत्पात मचाया। कलाकार मोना सरदार डूडी ने खबरएक्सप्रेस.कॉम को जानकारी देते हुए बताया कि बीकानेर शहर मे तकरीबन ७४७ आवारा पशु खुले मे घुम रहे है जिनमे गायों की संख्या सबसे ज्यादा है। उन्होने गौ-शालाओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग इन्हे दुहकर छोड देते है। शहीद भगत सिंह ब्रिगेड के अध्यक्ष श्री राजकुमार राजपुरोहित ने बताया कि इसके लिये तीन का अभियान चलाया जिसमे हमने चित्रकार मुकेश जोशी (सांचोहर) एवं मोनासरदार डूडी के साथ रामपुरिया महाविद्यालय बी.एफ.ए (कला संकाय) के छात्रों ने बडा बाजार रामपुरिया हवेलियों के पास, बैदो की परोळ, फोर्ट स्कूल के पास राजीव गांधी मार्ग, मोहतों के चौक में घुम रहे असहाय पशुओं को हरा चारा दिया गया, उनके गुलाल व कुमकुम का तिलक लगाया गया, राहगीरों को रोक कर पशुओं के प्रति संवेदनाओं को समझने की बात बताई गयी।
इस अवसर पर समाज सेवक श्री पंकज मिश्रा ने कहा कि पशुओं को रोता देख लोगों को दया आ जानी चाहिये परन्तु प्रत्येक मनुष्य इतना संवेदन शील नहीं है। आज मानव सडक पर पडे हुवे मनुष्य के पास यू ही निकल जाते है आज संभालना मुसकिल लगता है।
युवा चित्रकार श्री योगेन्द्र पुरोहित ने कलाकारों के इस कार्य की सराहना करते हुवे कहा कि यह प्रयास ऐसा प्रयास है जिससे कलाकार अपने अन्दर की भावना को बाहर निकालता है। यह कलाकार के उलटी करने जैसा कार्य है जिससे अन्दर की भावनाऐं उजागर होकर एक कागज पर अपनी कल्पनाओं का प्रदर्शन करता है।
ओ ओ ढुर्ररर्र .... अभियान हुआ समाप्त to ho gaya lakin is abhiyan se jo kam suru kiya tha woh samapat nahi hona chahiye. nahi to log wapis yahi kahenge ki ओ ओ ढुर्ररर्र .... , Krishan Kant Vyas (17/07/2007 01:58:25)