बीकानेर, राजस्थान हाईकोर्ट की एक बैंच बीकानेर में लगाये जाने की मांग को लेकर आंदोलनरत जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर आज घोषित बीकोनर बंद ऐतिहासिक सफल रहा, अधिवक्ताओं के इस आंदोलन को मिल रहे अभूतपूर्व जन समर्थन के कारण आज स्वःस्फूर्त बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। अधिवक्ताओं के साथ बीकानेर के राजनैतिक, गैर राजनैतिक, व्यवसायिक और स्वयंसेवी संगठनों ने बंद को ऐतिहासिक सफल बनाने में अपना पूरा योगदान दिया।
बंद के दौरान यहां बडा बाजार, फडबाजार, दाऊजी रोड, महात्मा गांधी मार्ग, स्टेशन रोड, रानीबाजार, गंगाशहर रोड, रामपुरा बस्ती मुख्य बाजार समेत उपनगर गंगाशहर और भीनासर में भी देर अपरान्ह तक बंद का व्यापक असर नजर आया, शहर के प्रमुख बाजारों और मुख्य मार्गों की ज्यादातर दुकानें एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और स्कूलों कॉलेजों में भी आज छुट्टी घोषित कर दी गई। सब्जी
और अनाज मंडी में बंद के दौरान कारोबार पूरी तरह ठप रहा। आज बंद के दौरान सबसे खास बात यह रही कि चाय पान की दुकानें स्टाले भी बंद रही जबकि अमूमन बंद वगैरह के दौरान चाय पान की दुकानें खुली रहती है। इसके अलावा कई गली मोहल्लों में दुकानदारों ने बंद के समर्थन में अपनी दुकानें बंद रखी। बंद को सफल बनाने के लिए जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं की टोलियां समेत उनके आंदोलन को समर्थन देने वाले संगठनों के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता भी सुबह सवेरे ही जत्थों के रूप में निकल पडे, मगर उन्हें कहीं भी दुकानें प्रतिष्ठान बंद करने के लिए ज्यादा जद्दोजहद नहीं करनी पडी क्योंकि यहां दुकानदारों, व्यवसायियों और शैक्षणिक संस्थाओं ने स्वतः ही अपनी दुकानें प्रतिष्ठान और शैक्षणिक संस्थान बंद कर रखे थे। स्वास्थ्य सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया था इसलिए अस्पताल रोड सहित शहर के कई स्थलों पर दवाइयों की दुकानें ही खुली हुई नजर आई। बंद के दौरान आज शहर सडकों पर खास चहल पहल नहीं थी और टैक्सियां चलती नजर नहीं आई क्योंकि टैक्सी चालकों के संगठनों ने भी अधिवक्ताओं के आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा कर रखी है।
कोटगेट पर किया प्रदर्शन
बीकानेर, हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर आज घोषित बंद के दौरान बीकानेर जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं समेत बीकानेर के राजनैतिक, गैर राजनैतिक व विभिन्न संगठनों से जुडे लोगों ने आज शहर के हृदय स्थल कोटगेट पर जबरदस्त प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। इस दौरान कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं व नेताओं ने संबोधित भी किया। प्रदर्शन के दौरान युवा अधिवक्ताओं के साथ वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भी बढ चढकर हिस्सा लिया।
चाक-चौबंद रही पुलिस व्यवस्था
बीकानेर। जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर आज घोषित बंद को देखते हुए कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस ने अपनी व्यवस्थाएं चाक चौबंद कर रखी है।
बंद के मध्यनजर हालातों पर निगरानी रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से तैनात चारों मजिस्ट्रेट अपने-अपने इलाकों में निरंतर गश्त कर रहे थे। इसके अलावा शहर के प्रमुख मार्गों समेत मुख्य बाजारों और चौराहों पर पुलिस का भारी जाब्ता तैनात रहा और पुलिस अधिकारी भी अपने हल्कों में निगरानी करते घूम रहे
है। हालांकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने पुख्ता बंदोबस्त कर रखा है। मगर बंद पूरी तरह शांतिपूर्वक होने के कारण पुलिस का ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड रही है।
नेता रहे ज्यादा सक्रिय!
बीकानेर। हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर आज घोषित बीकानेर बंद के दौरान यहां भाजपा और कांग्रेस समेत अन्य दलों संगठनों के नेता खासे सक्रिय नजर आये।
बंद के दौरान एक ओर जहां शहर भाजपा अध्यक्ष नंदकिशोर सोलंकी और विधायक गोपाल जोशी अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कोटगेट, बडा बाजार, स्टेशन रोड इलाके में घूम कर बंद को सफल बनाने का अनुरोध करते घूम रहे थे। वहीं शहर कांग्रेस अध्यक्ष जनार्दन कल्ला भी पार्टी के स्थानीय नेताओं पदाधिकारियों के साथ के समर्थन में लोगों से अपील करते नजर आये।
इनके अलावा भाजपा नेता व अधिवक्ता सुरेश शर्मा, अल्पसंख्यक भाजपा नेता अख्तर अली चूडीगर, एडवोकेट विनोद शर्मा, पाबूदानसिंह राठौड, भाजपा के पूर्व शहर महामंत्री शशिकांत शर्मा, अधिवक्ता शिवचंद भोजक, सतपालसिंह शेखावत, पाबूदानसिंह राठौड भी अलग-अलग जत्थों के रूप में बंद को सफल बनाने की कवायद में जुटे हुए थे। बसपा जिलाध्यक्ष केदार गहलोत और लोक जनशक्ति पार्टी के जिलाध्यक्ष रमजान मुगल ने भी बंद को सफल बनाने के लिए शहर में घूम रहे थे।
लम्बे अरसे बाद ‘जोश’ में नजर आये आर.के.दास
बीकानेर। जिले में जनता से जुडे कई आंदोलनों के अगवा रहे वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के.दास गुप्ता आज अधिवक्ताओं के अंादोलन के तहत बीकानेर बंद को मिले अभूतपूर्व जन समर्थन देखकर लम्बे अरसे बाद जबरदस्त जोश में नजर आये। बंद के दौरान यहां कोटगेट पर आंदोलनकारी अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य सरकार समेत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जमकर खिंचाई करते हुए गहलोत पर बीकानेर के साथ भेदभाव बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की राजनैतिक इच्छाशक्ति अपने गृह जिले जोधपुर के दायरे तक सिमट कर रह गयी है।
कारोबार रहा पूरी तरह ठप!
बीकानेर। आज बीकानेर बंद के आह्वान पर शहर के प्रमुख बाजारों और मुख्य मार्गों पर स्थित दुकानें-व्यवसायिक प्रतिष्ठा बंद रहने से कारोबार पूरी तरह ठप रहा, इसके अलावा औद्योगिक इकाइयां भी आज पूरी तरह बंद रही, जिसके कारण कामकाज ठप रहा। एक अनुमान के मुताबिक आज बीकानेर बंद के कारण यहां करीब दो ढाई करोड का कारोबार प्रभावित हुआ है, जिससे सरकार को भी करीब 25 लाख रुपए के राजस्व की हानि हुई है।
थम सी गई शहर की रफ्तार
बीकानेर। आज बीकानेर बंद के दौरान शहर की रफ्तार पूरी तरह थम सी गयी, स्वः स्फूर्त बंद के कारण यहां दुकानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों समेत शैक्षणिक संस्थानें बंद रही और शहर की सडकों पर चहल पहल भी नगण्य रही।
जानकारों के अनुसार बीकानेर बंद का ऐसा ऐतिहासिक नजारा आज खासे अरसे बाद देखने को मिला है।
लूणकरणसर, खाजूवाला और नोखा में बंद का व्यापक असर
बीकानेर, जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के तहत आज जिले के लूणकरणसर खाजूवाला और नोखा कस्बों में बंद का व्यापक असर नजर आया। लूणकरणसर में बंद के दौरान मुख्य बाजार समेत मंडी की ज्यादातर दुकानें-प्रतिष्ठान बंद रहे। इसी तरह नोखा और खाजूवाला में भी मुख्य बाजार समेत प्रमुख मार्गों पर दुकानें, प्रतिष्ठान और सरकारी संस्थान बंद रहे।
जिले के तीनों कस्बों में देर अपरान्ह तक बंद का व्यापक असर था और स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। इन तीनों कस्बों में स्थानीय बार एसोसिएशनों के आह्वान पर कस्बे के दुकानदारों और व्यवसाइयों ने अपना पूरा समर्थन देते हुए स्वः स्फूर्त बंद रखा। बंद के दौरान तीनों कस्बों में पुलिस व्यवस्था चाक चौबंद रही।