बीकानेर राज्य सरकार द्वारा नाममात्र का स्टाईपेण्ड बढाये जाने से नाखुश हुए रेजिडेंट चिकित्सकों ने सोमवार मध्य रात्रि से प्रदेश व्यापी हडताल शुरू कर दी है। पीबीएम अस्पताल में भी एक सौ अडत्तीस रेजीडेंट चिकित्सकों के हडताल पर चले जाने के कारण चिकित्सकीय व्यवस्था प्रभावित हुई है। हालांकि सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और अस्पताल के नियंत्रक डॉ.राजा बाबू पंवार ने सभी वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ मीटिंग कर चिकित्सकीय व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दे दिये है।
रेजीडेंट चिकित्सक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ.संदीप धनकड ने बताया कि स्टाई पेण्ड में वृद्धि करने के लिए राज्य सरकार को 15 दिनों का समय दिया गया था। सरकार ने स्टाई पेण्ड में एक हजार से पन्द्रह सौ रुपए की वृद्धि की है। जो कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार नहीं है। रेजिडेंट चिकित्सकों की मांग है कि जिस प्रकार अन्य राज्यों में वहां की सरकारों ने रेजिडेंट चिकित्सकों को स्टाई पेण्ड में पांच से छः हजार रूपए की वृद्धि की है उसी प्रकार यहां भी रेजिडेंट चिकित्सकों के स्टाई पेण्ड में वृद्धि की जाए।
डॉ.धनकड ने बताया कि एसोसिएशन के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों ने फिलहाल 48 घंटे तक हडताल की घोषणा की है, लेकिन इस दौरान सरकार ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार स्टाई पेण्ड में वृद्धि नही की तो यह हडताल अनिश्चितकालीन भी हो सकती है।
छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार स्टाई पेण्ड नहीं बढाये जाने से आक्रोशित हुए रेजिडेंट चिकित्सकों का कहना है कि राज्य सरकार विधान सभा में प्रस्ताव पारित करके विधायकों के वेतन व पेंशन में वृद्धि कर रही है। विधायकों को मिलने वाली सुविधाओं में इजाफा कर रही है, लेकिन 18 से 2॰ घंटे ड्यूटी पर रहकर जनता की सेवा करने वाले रेजिडेंट चिकित्सकों के स्टाई पेण्ड के नाम मात्र का बढा रही है। अचरज की बात है कि एक बार विधाय बनने के बाद उस नेता को बिना कुछ करे ही उम्र भर पेंशन दी जाती है जबकि सेवारत रहने के बावजूद रेजिडेंट चिकित्सकों को उनका हक भी नहीं दिया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों में ही भेदभाव बरते जाने के रवैये से परेशान हुए रेजिडेंट चिकित्सकों के आक्रोश को देखकर ऐसा माना जा सकता है कि इस बार वे आरपार की लडाई के मूड में है।