सूरतगढ, 16 जनवरी। सूरतगढ पी.जी. कॉलेज एवं सूरतगढ शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में वार्षिक सांस्कृतिक एवं गैर शैक्षणिक आयोजनों की श्खला के अन्तर्गत बुधवार को हारमनी-2008 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष विधायक अशोक नागपाल, मुख्य अतिथि बीकानेर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सी.बी. गेना तथा विशिष्ट अतिथि व्यापार मण्डल के अध्यक्ष मोहनलाल डेलू रहे। विशिष्ट अतिथि संस्था के रूप में सरस्वती शिशु मन्दिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, श्रीबिजयनगर उपस्थित हुआ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ कार्यक्रम अध्यक्ष अशोक नागपाल, मुख्य अतिथि डॉ. सी.बी. गेना, विशिष्ट अतिथि मोहनलाल डेलू तथा सूरतगढ बी.एड. कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजकुमार गर्ग द्वारा संयुक्त संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आरम्भ सरस्वती वंदना से किया गया।
अपने स्वागत भाषण में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. भुवनेश गुप्ता ने सभी पधारे हुए अतिथिगणों का हार्दिक स्वागत किया। डॉ. गुप्ता ने कहा कि किसी भी संस्था की सफलता नये आयाम बनाने के लिये चार घटकों का साथ मिलकर चलना आवश्यक है, जिसमें प्रबंधक, शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी शामिल हैं और सूरतगढ पी.जी. महाविद्यालय के सभी घटकों का लक्ष्य शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक विकास करना है।
हारमनी-2॰॰8 के मुख्य आयोजन जिसका नाम ‘‘कुरजां’’ था, में दोनों महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों द्वारा दर्शकों को अभिभूत किया। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में शिव ताण्डव, मैं ना पहनूं थारी चूंदडी, ऐसा देशहै मेरा, पिया बसंती, मेळे में जा आई रे, अगर मैं कहूं, भंगडा, फैशन शो, सोणी के नखरे, अब के बरस, गिद्दा इत्यादि रहे।
मुख्य अतिथि डॉ. गेना ने अपने उद्बोधन में सभी विद्यार्थियों के प्रस्तुतिकरण की सराहना की तथा उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा कि देश का बोझ युवा वर्ग के कंधों पर है जिसे सभी को जिम्मेवारी के साथ निभाना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. गेना ने कार्यक्रम संचालकों विद्यासागर शर्मा, श्रीमती मोनिका गुलेरिया, विद्यार्थी चन्दा शर्मा, चन्द्रकला ढाका इत्यादि को सम्मान प्रतीक देकर सम्मानित किया। साथ ही महाविद्यालय की खेल प्रतिभाओं, जाकिर हुसैन, रामस्वरूप, बुधराम व जयसिंह को सभी सम्मानित किया।
‘‘अपनी खुशबू अपना रंग दे दें
थोडी सी साथ उमंग दे दें
पश्चिम के माहौल में
पूरब के इन परिन्दों को
जीने का एक ढंग दे दें
थोडा सा आकश और पतंग दे दें...’’।
पंक्तियों के साथ प्रवीण अरोडा ने नववर्ष एवं लोहडी की शुभकामनाओं के साथ अपना उद्बोधन आरम्भ किया। उन्होंने विद्यार्थियों के उत्साह की प्रशंसा करते हुए नवीन शिक्षा सत्र से वर्तमान में जारी सभी पाठ्यक्रमों के साथ-साथ स्नातकोतर भूगोल, लोक प्रशासन, एम.एससी., कम्प्यूटर साइंस की स्नातकोतर कक्षाओं के प्रस्ताव विश्वविद्यालय को भिजवाने की घोषणा कर सभी उपस्थित जनों में उत्साह का संचार कर दिया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय संचालन ट्रस्ट विद्यार्थियों को सभी शैक्षणिक सुविधाएं सूरतगढ में ही देने के प्रयास में जुटी है।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में जनसमूह को सम्बोधित करते हुए अशोक नागपाल ने कार्यक्रम के सफल संचालन के लिये संचालकों को साधुवाद दिया। उन्होंने अभिभावकों से युवा वर्ग में बढ रही नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिये सहयोग करने का भी आह्वान किया। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों तथा उत्कृष्ट सेवा के लिये महाविद्यालय के कर्मचारी रमेश कुमार को सम्मान प्रतीक देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम इस कदर आकर्षण था कि सभी खास अतिथियों के साथ जनसमूह पांच घण्टे तक चले समारोह में जमें रहे। विशिष्ठ अतिथि संस्था सरस्वती शिशु मंदिर उ.मा. विद्यालय, श्रीविजयनगर के संचालक इन्द्रमोहन को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति का अवार्ड ‘शिव तान्दन’ व ‘अबके बरस’ को दिया गया।