कमीशनखोरी और घटिया निर्माण को लेकर लगाई जमकर फटकार
डूंगरपुर १६ जून/ जिला कलेक्टर नीरज के.पवन ने शुक्रवार रात्रि सर्व शिक्षा अभियान की समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की दो घंटो तक जमकर क्लास ली और कमीशनखोरी व घटिया निर्माण की शिकायतों पर फटकार लगाई।
यहां जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा दौरान कलेक्टर ने अभियान द्वारा स्वीकृत राशि से जिले भर के विद्यालयों में हो रहे घटिया निर्माण की शिकायतों के बारे में बताया और जिला परियोजना समन्वयक, सहायक परियोजना समन्वयक बापूलाल जोशी, सहायक अभियंता शुभेन्द्र शेखर व्यास समेत समस्त कनिष्ठ अभियंताओं व अन्य कार्मिकों को अभियान में व्याप्त भ्रष्टाचार का जिम्मेदार बताकर फटकारा।
उन्होंने कहा कि जनजाति अंचल के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मुहैया करवाने की दृष्टि से सरकार द्वारा करोडों रूपया स्वीकृत किया जा रहा है और अभियान में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते घटिया निर्माण करवाये जा रहे हैं जो बेहद शर्मनाक स्थिति है। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में हुए घटिया निर्माण की लम्बी चौडी शिकायतें है और ये शिकायतें न तो झूठी है और न ही राजनीति प्रेरित है। इन शिकायतों की पुष्टि कराई जा रही है और इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्मिकों की इतनी लंबी चौडी टीम निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगाई गई है परंतु समस्त अधिकारी गैर जिम्मेदाराना रवैया अपना कर अपना स्वार्थ साधने में लगे हुए हैं।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि अभियान के संचालन में पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी चाहिए, इसके लिए इससे जुडे समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों को अपनी कार्यशैली में बदलाव लाना पडेगा। उन्होंने कस्तूरबा आवासीय विद्यालय के निर्माण के बारे में जानकारी लेने के बाद कहा कि इस कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ संपादित करें और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही दिखाई दी तो बख्शा नहीं जाएगा। कलेक्टर ने अभियंताओं द्वारा निर्माण कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र व फोटो को प्रस्तुत न किए जाने की स्थिति पर उन्होंने रोष व्यक्त किया और कहा कि अभियान की सफलता के लिए इससे जुडे अधिकारी-कर्मचारी कार्य संपादन में गंभीरता का प्रदर्शन करें।
इस दौरान जिला परियोजना समन्वयक मनोज शर्मा ने अभियान के तहत विशेष आवश्यकता वाले बालकों के लिए तिमाही आवासीय ब्रिज कोर्स, रेंप निर्माण, व्यावसायिक कौशल समेत अन्य गतिविधियों की जानकारी दी। कलेक्टर ने व्यावसायिक कौशल के तहत कम्प्यूटर के साथ ही केनिंग, मुड्डा निर्माण, जूट आभूषण निर्माण, पायदान निर्माण आदि कौशलों को सिखाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार उन्होंने आदर्श कक्षा कक्षों के निर्माण को भी उपयोगी व सार्थक तरीके से करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रकाश शर्मा ने मुख्यमंत्री शिक्षा संबल महाअभियान के तहत संपादित गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। कलेक्टर ने बताया कि अभियान के तहत जिले भर में दृष्टि दोष वाले विद्यार्थियों को चश्मों के वितरण करवाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए उन्हने विभागीय अधिकारियों को अपेक्षित तैयारियां करने के निर्देश भी दिए। एक-एक को खडा कर पूछा जवाब सर्व शिक्षा अभियान से संबंधित निर्माण कार्यों के फोट अभी तक उपलब्ध न करवाये जाने की स्थिति पर कलेक्टर ने कनिष्ठ अभियंताओं की नाराजगी दिखाई। उन्होंने एक-एक कनिष्ठ अभियंता को खडा कर फोटो प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि के बारे में पूछा। संबंधित अभियंताओं ने बताया कि आसपुर के शेष रहे २४, बिछीवाडा के १२, सागवाडा के १० कार्यों के फोटो को सोमवार को और सीमलवाडा के ५२ कार्यों व डूंगरपुर के ७ कार्यों के फोटो को शनिवार सायं तक उपलब्ध करा दिया जाएगा। एक ही सांस में पूछे कई सवाल समीक्षा बैठक दौरान कलेक्टर नीरज के.पवन की नाराजगी देखते हुए अभियान से जुडे अधिकारी-कर्मचारियों के चेहरे के भाव उडते नजर आए। अधिकारियों द्वारा कलेक्टर द्वारा एक ही सांस में पूछे गए कई-कई सवालों के जवाब देते भी नहीं बन पडा। घटिया निर्माण की शिकायतों के प्रति कलेक्टर की गंभीरता को देखकर पूरी बैठक में चुप्पी छाई रही। कलेक्टर ने धाराप्रवाह बोलते हुए जब कडी फटकार लगाना प्रारंभ किया तो अधिकारी बगले झांकते नजर आए।