आचार्य-प्रवर श्री रामलालजी म.सा. हावडा (कोलकाता) में चातुर्मास हेतु मंगल प्रवेश
आचार्य श्री नानेश समता पुरस्कार श्री सज्जनसिंहजी मेहता को मरणोपरान्त प्रदान करने की घोषणा
हावडाः परम पूज्य आचार्य-प्रवर १००८ श्री रामलालजी म.सा. का हावडा के विवेक विहार में चातुर्मास हेतु भव्य मंगल प्रवेश हजारों लोगों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। सुकियस लेन स्थित जैन विद्यालय से पूज्य आचार्य-प्रवर महानगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए चातुर्मास स्थल पधारे। सम्पूर्ण प्रवेश यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने जय-जयकारों से पूज्य गुरुदेव का अभूतपूर्व स्वागत किया। प्रवेश यात्रा में युवा, महिला एवं बाल वर्ग के विशेष उत्साह से यह प्रवेश यात्रा ऐतिहासिक रूप से सम्पन्न हुई। प्रवेश के पश्चात् धर्मसभा का भव्य आयोजन किया गया।
श्री अ.भा. साधुमार्गी जैन संघ के राष्ट्रीय महामंत्री सायरचन्द छलाणी ने बताया कि वार्षिक साधारण सभा की बैठक में पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कोलकाता निवासी सुन्दरलालजी दुग्गड को आगामी कार्यकाल हेतु निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित किया गया है। दुग्गडजी धार्मिक एवं सामाजिक प्रवृत्ति में सदैव अग्रणी रहे हैं और इनके सहयोग से सैंकडों संस्थाओं का संचालन किया जा रहा है।
श्री अ.भा. साधुमार्गी जैन संघ द्वारा प्रत्येक दो वर्ष में प्रदान किया जाने वाला आचार्य श्री नानेश समता पुरस्कार इस वर्ष बडीसादडी निवासी समता प्रचार संघ के राष्ट्रीय संयोजक स्व. सज्जनसिंहजी मेहता को मरणोपरान्त प्रदान किया जायेगा। यह निर्णय हावडा में आचार्य श्री नानेश समता पुरस्कार समिति की बैठक में लिया गया। उल्लेखनीय है कि यह पुरस्कार आचार्य श्री नानेश की पुण्यस्मृति में प्रत्येक २ वर्ष से समता समाज रचना हेतु कटिबद्ध व्यक्तित्व को प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार में एक लाख रू. की नकद राशि, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। स्व. मेहता वर्षों तक समता प्रचार संघ के राष्ट्रीय संयोजक रहे। उनके सानिध्य में प्रतिवर्ष सैकडों स्थानों पर संस्कार शिविर एवं धार्मिक पाठशालाएँ संचालित की जाती रही है, जिनमें हजारों बालक-बालिकाओं ने भाग लेकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाया। प्रखर लेखक स्व. मेहता अनेक पुस्तकों का लेखन एवं सम्पादन कार्य भी कर चुके हैं।