जयुपर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि बढती आबादी विकास की राह में बाधा है, इससे अनेक समस्याएं पैदा होती हैं। उन्होंने कहा कि विकास का लाभ सर्वत्र दृष्टिगोचर हो, आम आदमी को उसका फायदा पहचे तथा सभी को गुणवत्ता के साथ जिंदगी जीने के अवसर मिलें, इसके लिए जनसंख्या नियंत्रण पर फोकस करना समय की आवश्यकता है। गहलोत शनिवार को प्रदेश की राजधानी जयपुर में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण करने के बाद आयोजित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। आजादी की 62वीं वर्षगांठ पर ज्ञात और अज्ञात लोगों और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान को नमन करते हुए उन्होंने प्रदेशवासियों को बधाई और शुमकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने आजादी के इस पर्व को संकल्पों का दिन बताते हुए कहा कि सभी लोग प्रदेश के विकास में भागीदार बनने का संकल्प लें। गहलोत ने कहा कि आजादी के बाद जब भी हमारे देश पर हमले हुए हमारे जांबाजों ने अपनी कुर्बानी देकर सीमाओं की रक्षा की। उन्होंने कहा कि हमें इस बात का गर्व है कि स्वतंत्रता के बाद देश में नवनिर्माण, साम्प्रदायिकता, क्षेत्रवाद और अलगाववाद जैसी समस्याएं आईं तो पूरा मुल्क एकजुट रहा। आज के समय में आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी समस्याओं का जिक्र करते हुए श्री गहलोत ने कहा कि जब भी ऐसे हालात हों हम सबको मिलकर इनका मुकाबला करने का प्रण लेना चाहिए। गहलोत ने कहा कि आजादी के 62 वर्षों में पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में विकास की अनवरत यात्रा के बाद आज प्रगतिशील हिन्दुस्तान की सूरत हमारे सामने है। उन्होंने हर मोड पर आई चुनौतियों का सामना कर देश को तरक्की की राह पर ले जाने में अथक प्रयासों को रेखांकित करते हुए कहा कि नई पीढी इसका महत्व समझें और प्रेरणा ग्रहण करें। गहलोत ने कहा कि आजादी के बाद देश के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों के सृजन के लिए लागू की गई राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना वरदान साबित हो रही है। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी की पहल पर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम को देश में कानून का रूप देकर 100 दिनों के रोजगार की गारण्टी देने को उन्होंने क्रांतिकारी योजना बताया। गहलोत ने प्रदेश में गत 62 वर्षों में से कमोबेश 50-55 साल तक अकाल एवं सूखे के हालात की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेशवासियों ने ऐसी स्थितियों में आगे बढकर हमेशा सरकार का सहयोग किया है। मानसून के बदलते मिजाज के कारण देश के कई राज्यों एवं प्रदेश के समक्ष पैदा हुई समस्याओं की ओर इंगित करते हुए उन्होंने कहा कि कैसी भी स्थिति आ जाए राज्य सरकार लोगों को राहत प्रदान करने में कोई कसर नहीं छोडेगी। उन्होंने कहा कि रोजगार, पशुओं के लिए चारे का प्रबंधन और रेलगाडी से पानी के परिवहन में कोई कमी नहीं रखी जा रही है। गहलोत ने कहा कि राज्य में नई सरकार बनते ही तमाम जातियों और बिरादरियों के लगों के बीच भाईचारा स्थापित करने के लिए पहल और प्रयास किए गए, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, सौहार्द और समरसता को मजबूत करने में कामयाबी मिली है। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं के प्रति सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और इनके निराकरण के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। जन समस्याओं को लेकर कानून हाथ में लेने और रास्ते जाम करने की प्रवृति से बचने के लिए जनता से अपील करते हुए श्री गहलोत ने कहा कि इससे पूरे प्रदेश का नुकसान होता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार संवेदनशील, जवाबदेह और पारदर्शी प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्घ है और जनसमस्याओं के समाधान के लिए त्वरित कदम उठा रही है। गहलोत ने इस अवसर पर पानी बचाओ, बिजली बचाओ और सबको पढाओ के नारे की प्रासंगिकता का उल्लेख करते हुए कहा कि हरित राजस्थान के सपने को साकार करने के लिए प्रत्येक नागरिक को एक पेड लगाने का संकल्प लेना चाहिए, इससे अच्छी वर्षा, प्रदेश की समस्याओं के समाधान और खुशहाली का मार्ग प्रशस्त होगा।