जयपुर। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री रामलाल जाट ने कहा है कि ‘‘हरित राजस्थान’’ अभियान के तहत पेड लगाने का मुख्यमंत्री का आह्वान हर जिले एवं गांव तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण व प्रदेश को हरा-भरा बनाए रखने के लिए हर कस्बे व जिला स्तर पर गोष्ठियां आयोजित की जाए ताकि आम लगों में सकारात्मक संदेश जाए । जाट रविवार को सहकार भवन में आयोजित विचार गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे थे। भारत सेवा संस्थान द्वारा जयपुर को विश्व स्तरीय शहर बनाने की श्रृंखला में आयोजित पहली विचार गोष्ठी ‘स्वच्छ व हरा-भरा जयपुर’ में जाट ने कहा कि विचार गोष्ठी अनूठी पहल है । उन्होंने कहा कि गोष्ठी में आये विचारों की क्रियान्विति के लिए सरकार के समक्ष रखे जा सकें। उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत ने ‘‘हरित राजस्थान’’ की जो शुरूआत की है इसमें पर्यावरण संरक्षण के लिए जनता को जागृत करना जरूरी है जिससे भविष्य में आने वाली पीढियों को स्वच्छ पर्यावरण का लाभ मिल सकें ।गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित प्रसिद्घ पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा ने कहा कि आज हमें जिंदा रहने के लिए पेड लगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग से मुक्ति पाने के लिए भी हमें पेड लगाने होंगे। उन्होंने प्रबुद्घजनों से आह्वान किया कि वे इसके लिए आगे आएं और इसकी शुरूआत अपने घर से हो। उन्होंने कहा कि हर घर की छत पर पौधे लगाकर इसकी शुरूआत करनी चाहिये। उन्होंने गोष्ठी के आयोजनकर्ता भारत सेवा संस्थान को सुझाव दिया कि महिलाओं और बच्चों को भी इस पावन कार्य के लिए तैयार करें। उन्होंने सौर ऊर्जा के भी अधिक से अधिक उपयोग की सलाह दी। गोष्ठी में वक्ता के रूप में पर्यावरणविद् मोहन भाई पटेल तथा ब्रज फाउण्डेशन के विनीत नारायण ने भी पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए। गोष्ठी में सांसद महेश जोशी ने खनन से पर्यावरण पर पड रहे प्रतिकूल प्रभाव पर चिंता जताई। गोष्ठी में जयपुर शहर को स्वच्छ, हरा-भरा व खूबसूरत बनाने पर विभिन्न लोगों ने सुझाव दिये। गोष्ठी का संचालन भारत सेवा संस्थान के सचिव गिरधारी सिंह बापना ने किया। कार्यक्रम के संयोजक राजीव अरोडा ने गोष्ठी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण व प्रदेश को हरा-भरा बनाए रखने के क्रम में यह पहली गोष्ठी है। गोष्ठी में प्रमुख शासन सचिव आवासन एवं नगरीय विकास जी.एस. संधू, जेडीए आयुक्त सुधांश पंत समेत कई अधिकारी व प्रबुद्घजन भी मौजूद थे।