बीकानेर, निःशक्तजनों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार की और से हर वर्ष करवाई जाने वाली खेलकुद प्रतियोगिता के बजट को नहीं बांटने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारी और कुछ कर्मचारी हर संभव प्रयास कर रहे है। जिसकी वजह से निःशक्तजनो को उनका हक नहीं मिल रहा है। और खेलकुद करवाने के लिए गैर सरकारी संगठनो व संस्थाओं का रूझान अब इस और कम होता नजर आ रहा है। गोरतलब है 26 से 28 फरवरी तक बीकानेर के डां करणी सिहं राजकीय स्टेडयम में निःशक्तजनों की संभाग स्तरीय खेलकुद प्रतियोगिता करवाई। इस प्रतियोगिता का आयोजन प्रज्ञाचक्षु शिक्षण संस्थान ने करवाया था। जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार निःशक्तजनों की इस खेलकुद प्रतियोगिता के लिए प्रतिवर्ष एक लाख रूपये का बजट सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को देती है। लेकिन विभाग के अधिकारी अपने अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर इस बजट को संबधित संस्थान को नहीं दिया गया, तो विभाग के उपनिदेशक ने प्रस्तुत दस्तावेजों में कई कमियां बताकर अनुदान देने से इनकार किया, संस्थान की और से सभी कमियों को सही कर लिया गया है। तथा अन्य औपचारिकताओं को पूर्ण कर पुनः अनुदान देने के लिए विभाग के अधिकारी के पास गये तो अधिकारी ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए अनुदान देने से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि प्रतियोगिता संपन होने के साढे छः माह बाद भी विभाग ने संस्थान को अनुदान नहीं दिया। सरकार के अधिकारियों और कर्मचारीयों की हटधर्मिता के कारण इस प्रकार की सामाजिक उत्थान वाली खेलकुद प्रतियोगिता के आयोजनों के प्रति गैर सरकारी संगठन और संस्थान अपने हाथ में नहीं लेना चाहती है।