मुख्यमंत्री ने दूषित जल समस्या के समाधान के लिये निर्देश दिये
16 Nov
2007
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने शहर में दूषित जलापूर्ति की समस्या को गंभीर मानते हुए जलदाय विभाग के अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही कर इस समस्या के समाधान करने के निर्देश दिये हैं

जयपुर, १६ नवम्बर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने शहर में दूषित जलापूर्ति की समस्या को गंभीर मानते हुए जलदाय विभाग के अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही कर इस समस्या के समाधान करने के निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने जल प्रदूषण की सूचना मिलने पर अधिकारियों से वस्तुस्थिति की जानकारी ली और शीघ्र कार्यवाही करने की हिदायत दी।
श्रीमती राजे ने अधिकारियों से कहा कि प्रदूषित जल की रोकथाम के लिये सतर्कता बरतें और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो, इस पर निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि जहाँ भी पाईप लाईन टूटी-फूटी है, उसका पता लगाकर दुरूस्त किया जाये।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री प्रो. सांवरलाल जाट ने शहर में हाल ही प्रभावित जल प्रदूषित इलाकों की जांच के लिये जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता (जयपुर रीजन) श्री जी.आर.गुप्ता को इसकी जाँच करने के निर्देश दे दिये हैं।
राज्य सरकार ने प्रभावी क्षेत्र की जलदाय विभाग की चौकी पर तैनात सहायक अभियन्ता श्री रामरतन डोई को निलम्बित कर दिया है।
अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता (जयपुर रीजन) श्री जी.आर.गुप्ता ने बताया कि श्रीरामपुरी, सीतारामपुरी, एवं भैरूजी का नाला, लक्ष्मीनारायणपुरी क्षेत्र में गन्दा पानी आने की शिकायत मिलने पर विभाग ने तत्काल कार्यवाही प्रारम्भ कर दी थी। उन्होंने बताया कि प्रदूषित जल का पता लगाने के लिये मुख्य लाईन को जगह-जगह पर काटा गया और अंतिम छोर पर जल प्रदूषण की समस्या का पता लगा। प्रभावित क्षेत्रें में पानी की सप्लाई टेंकरों से भी की गई।
उन्होंने बताया कि प्रभावित पाईप लाईनों को वाशआउट कर सुपर क्लोरीनेशन के पश्चात अब जलापूर्ति सामान्य रूप से कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में जल प्रदूषण की समस्या पर नियंत्रण पा लिया गया है। साथ ही जयपुर शहर की घनी आबादी वाले क्षेत्रें में पुरानी तथा प्रदूषण से संक्रमण का खतरा रखने वाली ३६.३ किलोमीटर पाईप लाईनों को बदलने की स्वीकृति राज्य सरकार द्वारा कुछ समय पूर्व जारी की गई है तथा इस स्वीकृति के पेटे ११ किलोमीटर लाईन बदली जाकर चालू की जा चुकी है। शेष २५.३ किलोमीटर लाईन इसी वित्तीय वर्ष में बदली जाकर इस समस्या का स्थाई समाधान भी इन क्षेत्रें में सुनिश्चित कर दिया जायेगा।
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