नवाचारों ने बदली तकदीर
16 Nov
2007
फरवरी माह तक भी पानी नही मिले तो कोई दिक्कत नही
हनुमानगढ , १६ नवम्बर। राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर जिला कलैक्ट्रेट सभागार में कृषि पत्रकारिता पर आयोजित विचार गोष्ठी में रावतसर तहसील में बुधवालिया से आए प्रगतिशील काश्तकार श्री घर्मवीर सिंह ने बूंद-बूंद सिंचाई के नवाचार को अपनाने से हुए फायदों के बारे में अपना संक्षिप्त प्रस्तुतिकरण दिया। श्री धर्मवीर ने बताया कि पहले वे अपने खेत में नरमा बोते थे, लेकिन ट्यूब-वैल नही होने के कारण व पानी की उपलब्धता के कारण दिक्कत होती थी। ऐसे में उन्होंने अनुदान पर डिग्गी, ड्रिप व फव्वार लेते हुए परम्परागत खेती के स्थान पर ९ बीघा जमीन में किन्नू व अनार का बाग लगाया। प्रारम्भ में उन्हें घरवालों के विरोध का सामना करना पडा व कईयों ने मजाक भी उडाया, मगर अपनी धुन के पक्के धर्मवीर ने बूंद-बूंद सिंचाई को अपनाते हुए अत्याधुनिक खेती में कदम रखा। उन्हने बताया कि पिछले वर्ष उनके बाग में किन्नू की भरपूर फसल हुई व इस बार अनार का अच्छा उत्पादन हुआ है। बकौल धर्मवीर उन्हने महाराष्ट्र की अनार की बराबर की गुणवत्ता के अनार का उत्पादन लिया और बाजार में ५० रुपए किलों के भाव से बेचकर मुनाफा कमाया । उन्हने कहा कि सब्सिडी के वितरण की व्यवस्था तहसीलवार की जाकर तथा अनुदान में बढोतरी की जानी चाहिए, इससे ज्यादा से ज्यादा काश्तकार प्रेरित होंगे। वर्तमान में लोगों की और पानी की मांग के विपरित धर्मवीर ने कहा कि उन्हें फरवरी माह तक भी पानी नही मिले तो कोई दिक्कत नही है।
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