सामाजिक बुराइयों के विरूद्घ सामूहिक प्रयास आवश्यकः ताराचंद भगोरा बाल विवाह व सामाजिक बुराईयों के विरूद्घ जनजागरण हेतु कार्यशाला
सामाजिक व्यवस्था पर दुष्प्रभाव डालता है बाल विवाहः मंजू राजपाल
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सामाजिक बुराइयों के विरूद्घ सामूहिक प्रयास आवश्यकः ताराचंद भगोरा Regional Hindi News : khabarexpress.com : The news portal of North India
डूंगरपुर 16 अप्रेल/शैक्षिक दृष्टि से पिछडे जनजाति बहुल वागड अंचल में बाल विवाह के साथ ही अन्य समस्त सामाजिक बुराईयों के विरूद्घ जनजागरण सहज नहीं है इसके लिए सरकारी मशीनरी, जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ ही आम जनों के सामूहिक प्रयास नितान्त आवश्यक है।
यह उद्गार मुख्य अतिथि जिला प्रमुख ताराचंद भगोरा, अध्यक्ष जिला कलक्टर मंजू राजपाल और अन्य वक्ताओं ने मंगलवार को स्थानीय लक्ष्मण मैदान में जिला प्रशासन और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में बाल विवाह एवं अन्य सामाजिक बुराइयों के विरूद्घ जनजागरण हेतु आयोजित कार्यशाला में उपस्थित संभागियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
समारोह के विशिष्ट अतिथि महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक उषा राव, उपखण्ड अधिकारी गजेन्द्रसिंह राठौड, पुलिस उपाधीक्षक कैलाशदान जुगतावत एवं अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) सुन्दरलाल परमार थे।
इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने अक्षय तृतीया पर आयोजित होने वाली बाल विवाह कुरीति के खिलाफ जनजागरण करने की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए कहा कि एक दृढ संकल्प के साथ जन-जन तक बाल विवाह के दुष्प्रभावों और सामाजिक बुराईयों से अवरुद्घ होने वाली सामाजिक विकास की प्रक्रिया के बारे में समझ पैदा की जानी चाहिए।
समारोह को संबोधित करते हुए जिला प्रमुख ताराचंद भगोरा ने कहा कि बाल विवाह और अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ युद्घ स्तर पर विभागीय प्रयास किए जा रहे हैं ऐसे में जनप्रतिनिधियों से भी अपेक्षा की जाती है कि वे विभागीय प्रयासों में सहयोग करें और जनजाग्रति के प्रयासों को मूर्त रूप प्रदान करें। उन्होंने सामाजिक उत्थान में महिलाओं की भूमिका की सराहना करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यकर्त्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव, ढाणी-ढाणी घूम-घूमकर बाल विवाह के विरूद्घ जनजाग्रति पैदा करें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर मंजू राजपाल ने कहा कि कुरीतियों के दुष्परिणामों के आने से पूर्व ही उसके विरूद्घ जनजागरण करना एक श्रेष्ठ समाज का दायित्व है। उन्होंने बाल विवाह को सामाजिक व्यवस्था पर दुष्प्रभाव डालने वाली कुरीति बताया और कहा कि केवल अक्षय तृतीया ही नहीं अपितु इसके अलावा भी वर्ष भर में विभिन्न मुहुर्तों पर होने वाले बाल विवाहों के खिलाफ आवाज बुलन्द करना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि बाल विवाह के साथ ही भु*ण हत्या और अन्य सामाजिक बुराईयों के विरूद्घ जनजागरण पैदा करने की प्रक्रिया में पूरे परिवार को सजग किया जाए।
महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक उषा राव ने विभागीय कार्यकर्त्ताओं से आह्वान किया कि वे क्षेत्र में सतत पर्यवेक्षण करते हुए बाल विवाह के बारे में यदि जानकारी प्राप्त होती है तो त्वरित गति से पुलिस प्रशासन का सहयोग लें और रूकवाये।
आरंभ में अतिथियों एवं अध्यक्ष द्वारा वाग्देवी मां सरस्वती के स्वरूप पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यशाला का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बी एल पारगी, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हनुमान सिंह, आरसीएचओ डॉ.एसएन जोनवाल, एनआरएचएम के डॉ. जीएस राव आदि ने पुष्पहार से अतिथियों का स्वागत किया।
समारोह में नर्सिंग प्रशिक्षणार्थियों द्वारा स्वास्थ्य चालिसा का वाचन करते हुए लोक स्वास्थ्य के पैगाम दिया। इस अवसर पर जिला खेल अधिकारी प्रेमचंद शर्मा, उपजिला शिक्षा अधिकारी किशनसिंह, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी और बडी तादाद में नर्सिंग प्रशिक्षणार्थी, आंगनवाडी कार्यकर्त्ता, आशा, सहयोगिनी और अन्य महिलाएं मौजूद थी।
समारोह का संचालन जिला शिक्षा प्रचार प्रसार अधिकारी पद्मेश गांधी ने किया।