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किसानों के समझ वाली भाषा मे तैयार हो अनुसंधाः एसके सिह
17 Jul 2008

महामहिम राज्यपाल गुरुवार कृषि विश्व विद्यालय के शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व राजस्थान कृषि विश्व विद्यालय, बीकानेर के परिसर में पहुंचने पर महामहिम राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया गया। कृषि व्यावसायिक प्रबंधन संस्थान के सभागार में शिक्षकों को संबोधित करते हुए महामहिम ने कहा कि राजस्थान कृषि विश्व विद्यालय राज्य के मरुप्रदेश के लिए विशेष रूप से प्रयास रत है।


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बीकानेर, महामहिम राज्यपाल और राजस्थान कृषि विश्व विद्यालय के कुलाधिपति   एस.के. सिंह ने कहा है कि राज्य के दोनों कृषि विश्व विद्यालय बहुत अच्छा कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा का अनुदान राज्य के करदाताओं के कठिन परिश्रम से अर्जित आय से आता है। अतः इसका समुचित व प्रभावी उपयोग होना चाहिए।
 महामहिम राज्यपाल गुरुवार कृषि विश्व विद्यालय के शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व राजस्थान कृषि विश्व विद्यालय, बीकानेर के परिसर में पहुंचने पर महामहिम राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया गया। कृषि व्यावसायिक प्रबंधन संस्थान के सभागार में शिक्षकों को संबोधित करते हुए महामहिम ने कहा कि राजस्थान कृषि विश्व विद्यालय राज्य के मरुप्रदेश के लिए विशेष रूप से प्रयास रत है। उन्होंने आशा जताई कि राज्य के अन्य विश्व विद्यालय भी  इनकी कार्य प्रणाली का अनुसरण करेंगे।
 राज्यपाल ने कृषि विज्ञान केन्द्रों की ग्रामीण विकास में भूमिका पर संतोष जताते हुए इस बात पर जोर दिया कि किसानों को समझ में आने वाली भाषा में और अधिक उपयोगी मुदि्रत सामग्री तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कृषि अनुसंधान में आइसोटोप तकनीक द्वारा किए जा रहे अनुसंधान की प्रशंसा की और वैज्ञानिकों को अन्तरराष्ट्रीय जगत से जुडने का आह्वान किया।   सिंह ने युवाओं के लिए कृषि एवं कृषि प्रबंधन के क्षेत्राों में रोजगार के संदर्भ में संतोष प्रकट किया और इस प्रकार के प्रयासों को और गति देने की जरूरत बताई।
 प्रारंभ में राजस्थान कृषि विश्व विद्यालय के कुलपति डा. प्रताप नारायण ने महामहिम के स्वागत भाषण में कृषि विश्व विद्यालय की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि कृषि विश्व विद्यालय वर्तमान में १०६ सेवा इकाइयों के माध्यम से राज्य के ७५ प्रतिशत श्ुाष्क एवं अर्द्ध शुष्क २१ जिलों में कार्यरत है। उन्होंने बताया कि विगत वर्ष दौसा में नए कृषि महाविद्यालय ने कार्य शुरू कर दिया है। कृषि प्रसार, पशु चिकित्सा विज्ञान में सूक्ष्म जीवी एवं जैव प्रौद्योगिकी विषयों में नए स्नातकोतर पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए है। कृषि अनुसंधान में १५ नई किस्में विकसित की गई है। खजूर में मूल्य संवर्द्धन सहित उतक संवर्द्धन तकनीक समाहित की गई। कृषि विश्व विद्यालय में इस वर्ष क ब १३००० क्विंटल बीज उत्पादित किया है। कुलपति ने बताया कि प्रत्येक कृषि विज्ञान केन्द्र कम से कम दो गांवों में ‘देखना और सीखना‘ पद्धति से कृषि प्रौद्योगिकी का प्रसार कर रहा है। इन केन्द्रों द्वारा मछली उत्पादन व डिग्गी आधारित कृषि प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने विश्व विद्यालय के संकायों के छात्रों के अच्छे प्लेसमेंट का जिक्र करते हुए कहा कि छात्राों के लिए दो नये छात्राावासों का निर्माण किया गया है। किसान घर का निर्माण शीध्र हो जाएगा। उन्होंने कृषि विश्व विद्यालय में कृषि अभियांत्रिाकी तथा आहार व डेय  प्रौद्योगिकी महाविद्यालय की आवश्यकता जताई।
 महामहिम ने इस अवसर पर कृषि विश्व विद्यालय के वार्षिक प्रतिवेदन और गृह विज्ञान संकाय द्वारा बाजरे के विभिन्न व्यंजनों पर तैयार पुस्तिकाओं का विमोचन किया। प्रारंभ में कुलपति डा. प्रताप नारायण ने महामहिम का साफा पहनाकर अभिनंदन किया। गृह विज्ञान कॉलेज की अधिष्ठाता डा. मधु गोयल ने महामहिम की पत्नी  मती मंजू सिंह को शॉल ओढाकर सम्मानित किया। कुलपति  ने महामहिम को स्मृति चिन्ह भेंट किया। समारोह में बीकानेर विश्व विद्यालय के कुलपति डा. सी.बी. गैना सहित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सम्बद्ध संस्थाओं के प्रमुख अधिका  व जिला कलक्टर शिखर अग्रवाल उपस्थित थे।

नये छात्रावास भवन का उद्घाटन

बीकानेर, जुलाई। महामहिम राज्यपाल  एस.के.सिंह अपनी धर्मपत्नी  श्रीमती मंजू सिंह के साथ अपरान्ह पूर्व कृषि महाविद्यालय पहुंचे। महामहिम राज्यपाल ने नवनिर्मित छात्राावास भवन का विधिवत उद्घाटन किया तथा छात्राावास के कक्षों, डायनिंग हॉल और कॉमन रूम का नि क्षण भी किया।
 इससे पूर्व महामहिम के कृषि महाविद्यालय पहुंचने पर राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय कुलपति डा. प्रताप नारायण एवं कुलसचिव पाल सिंह ने गुलदस्तें भेंटकर उनका स्वागत किया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा प्रदत्त ७५ लाख रुपये की वितीय सहायता से नये छात्राावास में ३५ कक्षों का निर्माण करवाया गया है। जिसमें ७० छात्राों के आवास सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।

खजूर फार्म का अवलोकन

महामहिम राज्यपाल   एस.के सिंह ने कृषि विश्व विद्यालय में स्थित खजूर फार्म में विकसित की गई खजूर की विभिन्न प्रजातियों के फलों को चखा और स्वादिष्ट बताया। महा महिम ने कहा कि इस जायकेदार फल के मूल्य संवर्द्धन, उत्पाद तैयार किए जाने चाहिए। उन्होंने बेल्ज्यिम, ट्यूनेशिया और अरब देशों से खजूर अनुसंधान से सम्बद्ध अनुसंधान कार्यों के आदान-प्रदान की आवश्यकता भी जताई। इसके बाद कृषि व्यवसायिक प्रबंधन संस्थान में कृषि विश्व विद्यालय के गृह विज्ञान संकाय द्वारा मूल्य संवर्द्धन उपाय के रूप में तैयार बाजरे का केक, बिस्कुट, आंवले का जैम और मुरब्बा, खजूर की टॉफी, बर्फी व माउथ फ्रेशनर जैसे उत्पादों का जायका लिया और सराहना की।




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