बीकानेर, जिला कलक्टर श्रेया गुहा ने कहा है कि जिन राजकीय चिकित्सालयों में एक माह में दस से कम संस्थागत प्रसूति होगी उस चिकित्सालय के चिकित्सा अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
गुहा शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभा कक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में बोल रहीं थी। उन्होंने कहा कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रसव करवाने की सुविधाएं उपलब्ध करवाई हुई है । यहां होने वाले प्रसव पर जननी सुरक्षा योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ आम व बी.पी.एल.चयनित जच्चा बच्चा को मिलता है। सरकार की सभी व्यक्तिगत योजनाओं का लाभ मिले इसके लिए चिकित्सक प्रयास करें। उन्होंने कहा कि इसी तरह ऐसी आशा सहयोगिनी जो एक माह में कम से कम पांच प्रसूताओं को नहीं लाएंगी उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। आशा सहयोगिनों को कार्य से पृथक करने की कार्यवाही भी अमल में लाई जा सकती है।
जिला कलक्टर ने कहा कि गजनेर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के नये भवन में अस्पताल एक सप्ताह में स्थानान्तरित हो जाए इसके लिए सभी प्रबंध किए जाएं। नये भवन में लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले इसके लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी संबंधित कार्यकारी एजेन्सी से समन्वय स्थापित करेंगी। इसी तरह महाजन में चिकित्सकों के लिए बनने वाले आवासगृह समय पर बन जाए इसके लिए निर्माण कार्य करने वाली कार्यकारी एजेन्सी को पाबंद किया जाए। इसी तरह श्रीडूंगरगढ में सुलभ इंटरनेशनल द्वारा करवाए जा रहे चिकित्सालय निर्माण कार्य समय पर पूर नहीं होते हो तो संस्था का कान्ट्रेक्ट निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की सभी योजनाओं की मासिक जानकारी दो अगस्त तक जिला मुख्यालय पर पहुंच जाए, 3 अगस्त तक सम्पूर्ण जानकारी कलक्ट्रेट कार्यालय में आ जाए। अगर व्यक्ति गत लाभ योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं मिलती है तो संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने सभी चिकित्सकों को निर्देश दिए कि परिवार कल्याण शिविरों में सुरक्षा के सभी उपाय किए जाएं। किसी भी तरह की चिकित्सकीय गलती से कोई हानी नहीं होनी चाहिए । उन्होंने जिला चिकित्सालय के प्रभारी डा०एल.डी. यादव को निर्देश दिए कि सैटे लाइट अस्पताल में लगने वाले परिवार कल्याण शिविरों में भर्ती रोगियों को एक रात निगरानी में रखा जाए। उन्होंने कहा कि ‘ग्रामीण स्वास्थ्य समिति‘ द्वारा स्वास्थ्य केन्द्रों में उपकरणों सहित अन्य खरीद का कार्य अब उप खंड अधिकारी की अनुमति से किया जाए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि आलोच्य वित्तीय वर्ष में 6930 लोगों की नसबंदी की गई है। परिवार कल्याण नसबंदी कार्यक्रम में जिले में कोलायत प्रथम स्थान पर है, जबकि नोखा अंतिम स्थान पर है। उन्होंने बताया कि जिले में 1 हजार 84 आशा सहयोगिनी कार्यरत है। इन सभी को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जिले में आलोच्य वित्तीय वर्ष के दौरान अब तक 2 हजार 67 लोगों के मोतियाबिंद ऑपरेशन किए जा चुके है।