पतियों के दीर्घायु के लिए महिलाओं ने किया व्रत
17 Oct
2008
दिन भर रही निर्जला और निराहार
भंवर गर्ग
बांसवाडा, देश भर मे मनाये गये करवाचौथ व्रत पर आज जिले के गांवों और शहर की विवाहित महिलाओं ने शुक्रवार को दिनभर निर्जला और निराहार रहकर करवा चौथ का व्रत किया और अपने पति के दीर्घायु जीवन की कामना की।
सौभाग्यवती महिलाओं ने दिन भर देवालयों में पूजार्चना कर परिवार के लिए मंगलकामनाएं की और पति के लम्बे जीवन की कामना की। कई महिलाओं ने सुबह से घर के देवस्थान में अखण्ड दीपक प्रज्वलित किया जो सांयकाल में चाँद के दर्शन के बाद तक रोशन रहा।
शाम तक महिलाओं ने विविध सौन्दर्य प्रसाधनों से नख-शिख तक श्ाृंगार कर सामूहिक रूप से करवा चौथ की व्रत कथा का श्रवण किया और अक्षत, पुष्प, कुमकुम आदि से करवा चौथ माता का विशेष पूजन किया।
ग्राम्यांचलों में करवा चौथ का व्रत भक्तिभाव के साथ किया गया। विदेश कमाई के लिए गए पतियों की पत्नीयों ने चांद दर्शन और पूजन के बाद उनके चित्र की पूजा की और सास या घर की अग्रज महिला के हाथ से जल ग्रहण कर व्रत खोला।
विदेश कमाई के लिए वालजी बुनकर की पत्नी शारदा देवी बताती है कि वह तो विदेश में है और परिवार के लिए कष्ट झेल रहे है तो हमारा यह कर्तव्य बनता है कि हम यह व्रत करे और उनके दीर्घायु जीवन की कामना के साथ ही उनकी मंगलकामना करें। ठीकरिया गांव की मीनाक्षी गर्ग बताती है कि यह व्रत करके महिलाएं अपने पति के जीवन की लम्बी उम्र की प्रार्थना करती है और परिवार के लिए मंगल कामना करती है।
खूब इंतजार करवाया चाँद ने
शुक्रवार को करवा चौथ के दिन विवाहित महिलाओं ने करवा चौथ का व्रत रखा। व्रत खोलने से पूर्व चांद का दर्शन अत्यावश्यक है। प्रभातकाल से ही निर्जला और निराहार रह रही महिलाओं के लिए व्रत की अंतिम घडया व्यग्र में ही बिती कि कब चांद आसमान में दिखाई देगा और चांद की पूजा-अर्चना करें और व्रत खोले। महिलाओं ने हर घडी आसमान पर नजर रखी और चांद के आसमान पर खिलने के साथ ही महिलाओं के चेहरे भी खिल उठे।
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