सूरतगढ। शहर में दूषित पेयजल आपूर्ति के खिलाफ राष्ट्रतंत्र व माकपा ने कडा आक्रोश व्यक्त किया है। दोनों संगठनों ने जिला कलेक्टर व एसडीएम को पत्र लिखकर शहर में तुरन्त प्रभाव से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करवाने की मांग की है। राष्ट्रंतत्र के तहसील अध्यक्ष राजेन्द्र मुदगल ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर जलदाय अधिकारियों पर कलेक्टर के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगाया है। मुदगल ने अपने पत्र में कहा है कि जिला कलेक्टर ने पिछले दिनों जलदाय विभाग अधिकारियों को शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के आदेश दिए थे। आरोप है कि सूरतगढ के अधिकारियों ने इन निर्देकों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया है। पत्र में कहा गया है कि जलदाय विभाग पिछले दो सप्ताह से दूषित पेयजल की आपूर्ति कर रहा है। इस पानी की वजह से लोग जानलेवा बिमारियों के शिकार हो रहे हैं। संगठन ने शहर में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के साथ-साथ सफाई व्यवस्था सुधारने की मांग भी कलेक्टर से की है। इधर माक्र्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी ने उपखण्ड अधिकारी को पत्र लिखकर शहर की सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करने व शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई है। माकपा सचिव लक्ष्मण शर्मा द्वारा लिखे पत्र में कहा गया है कि बिगडी सफाई व्यवस्था व दूषित पेयजल आपूर्ति की वजह से शहर में मलेरिया का प्रकोप बढ रहा है। पत्र में कहा गया है कि नाले व नालियों की सफाई नहीं होने की वजह से मच्छर पनप रहे हैं। कहा गया है कि शहरी क्षेत्र में जहां दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए अभी से मारा मारी होने लगी है। माकपा ने चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र ही इन समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो संगठन आंदोलनात्मक कदम उठाने को विवश् होगा। ज्ञापन देने वालों में एडवोकेट विष्णु शर्मा व राजकुमार सैन भी शामिल थे।