डूंगरपुर १८ जुलाई/ कृषि प्रौद्योगिकी प्रबन्धन अभिकरण (आत्मा) के उपाध्यक्ष व जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामनिवास ने कहा है कि समस्त संबंधित विभाग आपस में प्रभावी समन्वयन स्थापित कर अभिकरण के कार्यों का प्रभावी संपादन सुनिश्चित कर। वे स्थानीय कृषि प्रशिक्षण हॉल में पशुपालन विभाग के तत्वावधान में आत्मा के चार दिवसीय एग्रो इकोलोजीकल सिचुएशन (एईएस) प्रशिक्षण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित संभागियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस संबंध में कहा कि सभी अधिकारी आत्मा के कार्य को प्राथमिकता देते हुए एस आर ई एफ का शीघ्र गठन सुनिश्चित करें ताकि इस संबंध में राज्य सरकार को अवगत कराया जा सके। इस अवसर पर पशुपालन उपनिदेशक व परियोजना निदेशक डॉ हेमन्त शर्मा ने कृषि प्रैाद्योगिकी एवं एईएस टीम के प्रशिक्षण तथा सामरिक अनुसंधान एवं प्रसार योजना बनाने के सबंध में जानकारी दी। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ रविन्द्र वर्मा ने आत्मा योजना की आवश्यकता, उपयोगिता तथा कृषक की समस्याओं के बारे में जानकारी दी। सहायक निदेशक ओ पी शर्मा ने सागवाडा व आसपुर क्षेत्र के चयनित गांव भचडया के बारे में बताते हुए जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान पशुधन व कृषि के बारे में डॉ सी एम यादव, डॉ बी एल रोत ने आत्मा योजना से कृषकों को आर्थिक सम्पन्नता दिलाने की जानकारी दी। इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर सालवी ने सहायक कृषि अधिकारी बांसवाडा, एस आई ई पी के गठन व डूंगरपुर जिले में इसकी आवश्यकता के बारे में बताते हुए समस्त विभागों के समन्वयन की आवश्यकता प्रतिपादित की। प्रशिक्षण के दौरान संभागियों को पीआरए तकनीकी व एस आर एफ पी के गठन के बारे में आने वाली समस्याओं के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई गई। वहीं तकनीकी की सहायता से आंकडे एकत्रित करने हेतु आवश्यक सामग्री आदि का वितरण किया गया। प्रशिक्षण में आत्मा योजना के ब्लॉक तकनीकी टीम के सदस्य, पांचों ब्लॉकों के पशु चिकित्साधिकारी, सहायक कृषि अधिकारी, योजनान्तर्गत चयनित गांव के समस्त संबंधित अधिकारी, कर्मचारी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन भेड बकरी विकास अधिकारी एवं पदेन उप परियोजना निदेशक महिपाल जैन ने किया।