डूंगरपुर १८ जुलाई/जिला कलेक्टर नीरज के पवन ने जिले में संस्थागत प्रसव को बढावा देने पर बल देते हुए कहा कि आशा सहयोगिनी क्षेत्र में महिलाओं को प्रसवकालीन स्थिति में स्वास्थ्य केन्द्र पर लाने का दायित्व निभाए जिससे उनका प्रसव सुरक्षित रूप से हो सके वहीं इस हेतु मिलने वाली सहायता राशि का उपयोग किया जा सके। वे मंगलवार देर शाम जिले के धम्बोला गांव के रेवाशंकर पण्ड्या राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में अपनी नियमित रात्रि चौपाल में ग्रामीणों से संवाद कर रहे थे। चौपाल के दौरान जिला कलेक्टर ने उपस्थित ग्रामीणों से उनकी समस्याओं के बारे में चर्चा करते हुए एक एक कर विभिन्न विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने महिला स्थिति सुदृढीकरण पर जोर देते हुए चौपाल में स्वयं सहायता समूह की उपस्थिति नगण्य हने पर जिला कलेक्टर ने सीडीपीओ को आडे हाथों लिया व स्वयं सहायता समूहों को चौपाल के संबंध में सूचना नहीं देने पर कडी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सीडीपीओ को विभागीय गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक प्रचार प्रसार को पाबन्द किया । कलेक्टर ने ग्रामीणों से कहा कि क्षेत्र में क्षय रोग के ३३ मरीज हैं, जिन्हें ६ माह तक नियमित दवाई लेनी है। उन्होंने धम्बोला क्षेत्र में टीकाकरण नहीं होने पर रोष जताया व विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों को इसके लिए पुख्ता व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। वन विभागीय कार्यों की समीक्षा दौरान उन्होंने व वन विभाग को क्षेत्र में दो लाख रतनजोत के पौधे लगाने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने स्वच्छता के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि खुले में शौच करने से कई बिमारियाँ उत्पन्न होती ह , ऐसे में यह आवश्यक है कि प्रत्येक घर में शौचालय अवश्य हो। इस संबंध में चौपाल के दौरान ही ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से ४० हजार रूपयों देने की बात कही जिस पर कलेक्टर ने भी जिला प्रशासन की तरफ से १ लाख ६० हजार रूपए देने की बात कही ताकि खुले में शौच जैसी समस्या के समाधान का वैकल्पिक उपाय किया जा सके। उन्होंने विद्यालयों में समस्त छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन से पूर्व साबुन से हाथ धोना सुनिश्चित किए जाने हेतु ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया। उन्होंने सचिव को निर्देशित किया कि ग्रामीणों म डण्डीदार लोटे के प्रयोग के संबंध में जागृति उत्पन्न करे। रसद विभागीय चर्चा के दौरान ग्रामीण द्वारा रसोई गैस की किल्लत व गैस सप्लाई जिला मुख्यालय पर होने की जानकारी दी गई जिस पर कलेक्टर ने रसद अधिकारी को जल्द ही इसका निराकरण कराने के निर्देश प्रदान किये। चौपाल में ग्रामीणों द्वारा जिला कलेक्टर से श्मशानघाट पर हो रहे अतिक्रमण को हटवाने की मांग की गई जिस पर कलेक्टर ने तहसीलदार व पटवारी को शीघ्र ही इस सबंध में वस्तुस्थिति के अनुसार आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। कलेक्टर द्वारा इस दौरान क्षेत्र के १६ कृषकों को २ लाख ६० हजार के किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किए। चौपाल में मेवडा गांव की बेवा राजु पत्नी सावलीया गुर्जर ने जिला कलेक्टर को बताया कि एक व्यक्ति द्वारा उसकी काश्त भूमि कब्जा कर लिया जिसकी न तो तहसील में सुनवाई हुई न थाने में, इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार को इस संबंध में उचित कार्यवाही कर एक सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने हेतु आदेशित किया। इस मौके पर उपखण्ड अधिकारी अत्तरसिंह मेवला, ईजीएस कार्यक्रम अधिकारी सीडी चारण, जिला रसद अधिकारी गोपाल मोहन माथुर, विकास अधिकारी जेएल पटेल, तहसीलदार वीडी पाण्डोर, सीआई बीएल वर्मा, क्षेत्रीय वन अधिकारी डीके तिवारी, सचिव गिरीश कलाल, नानुराम परमार, मोहनलाल पण्ड्या, हरिवल्लभ भट्ट, देवीलाल मेहता समेत कई ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।