हनुमानगढ , १८ जुलाई। गृह विभाग ने विवाह के अनिवार्य पंजीकरण के लिए दिशा निर्देश जारी किए है। जिला कलक्टर एवं जिला विवाह पंजीयन अधिकारी श्रीमती मुग्धा सिन्हा ने बताया कि ऐसे पुराने विवाह जिनमें पुरोहित, पादरी, काजी द्वारा शपथ-पत्र दिया जाना इसलिए संभव नहीं हो पा रहा है क्योंकि वे दिवंगत हो चुके है उनका पंजीयन किया जा सकता है अथवा नहीं? के संदर्भ में जारी निर्देशों के अनुसार पूर्व में सम्पादित ऐसे विवाह का पंजीयन करते समय पति एवं पत्नी दोनों के शपथ-पत्रों के साथ पुरोहित, पादरी एवं काजी या दो प्रतिष्ठित व्यक्तियों के शपथ -पत्र लिए जाकर विवाह का पंजीयन किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि अवयस्क का विवाह अवैध करार किए जाने योग्य होता है एवं यह आपराधिक कृत्य भी है । अतः इस संदर्भ में जारी वर्तमान दिशा निर्देशों के प्रभावशील होने के बाद यदि कोई अवयस्क का विवाह सम्पादित होता है तो उसका पंजीयन नहीं किया जाएगा। पूर्व में सम्पादित ऐसा विवाह जिसमें वर वधू अथवा दोनों ही अवयस्क रहे हों परन्तु अब दोनों ही वयस्क हो गए हों एवं विवाह को अवैध करार दिए जाने सम्बन्धी कोई प्रकरण या कोई आपराधिक मामला भी न्यायालय में विचाराधीन नहीं हो तो उसका निर्धारित व्यवस्था के अनुसार पंजीयन किया जा सकेगा।