बीकानेर। राज्य सरकार द्वारा प्रदेशव्यापी चलाये जा रहे शुद्व के लिए अभियान में जहंा सरकार एक तरफ अभियान चला रही हैं। वही दूसरी तरफ चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग में पी.एफ.ए. शाखा में कनिष्ट लिपिक पद को समाप्त कर दिया हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिलें में पी.एफ.ए. हैड में पहले दो खाध निरीक्षक एंव कनिष्ट लिपिक पद पर कर्मचारी कार्यरत थे। लगभग दो वर्ष खाध निरीक्षकों को सेवानिवृत होने के बाद में दोनो पद समाप्त कर दिये गये राज्य सरकार ने हैड ऑफिस में स्वीकृत एंव पोस्टपेड एक कनिष्ट लिपिक के पद को समाप्त कर दिया हैं। जानकारी के अनुसार कनिष्ट लिपिक खाध निरीक्षकों द्वारा लाये गये सैम्पलों की रिकॉर्ड को मैंटेन करते हैं साथ आवश्यक कार्य सम्पादित कर रहे थे। वर्तमान में जहंा जिलें में शुद्व के लिए युद्व में सरकार वाहीवाही लूट रही हैं। वही सरकार ने स्वास्थ्य विभाग ने कनिष्ट लिपिक के पद को ही समाप्त कर दिया हैं। जानकारी के अनुसार इस कनिष्ट लिपिक द्वारा खाध पदार्थो के अनुज्ञा पत्रों की कार्यवाही भी सम्पादित की जा रही थी पद समाप्त हो जाने पर पदार्थो के जो नमुने के बाद की जाने वाली प्रकि्रया कैसे होती होगी यह किसी को पता नही हैं। गौरतलब है कि सरकार ने पी.एफ.ए. से सेवानिवृत हुए दो फूड इंस्पेक्टरों के स्थान पर नियुक्ति किये गये है जो प्रतिदिन सैम्पल एकत्रित करने के अभियान में भी खाध पदार्थो के नमुने संग्रहित कर रहे हैं। सरकार ने प्रदेश के अन्य जिलों में भी पी.एफ.ए. हैड के कनिष्ट लिपीकों के पद समाप्त कर दिये हैं।