डूंगरपुर १८ अगस्त/जिला कलक्टर नीरज के.पवन ने कहा है कि डूंगरपुर जिले में मौजूद ढाई हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों के सुदृढीकरण का प्रयास किए जाए तो जिले का आर्थिक परिदृश्य बदल सकता है। इस दिशा में सेंटर फॉर माईक्रोफाईनेंस जिले को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने में अच्छी भूमिका अदा कर सकता है।
कलक्टर पवन शनिवार को यहां माझी साहब की कोठी में सेंटर फॉर माईक्रोफाईनेंस की लांचिंग कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जिले के विकास के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से कई प्रकार के प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने जिले में मशरूम की खेती को नवाचार के रूप में प्रस्तुत किए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि इसके माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को सुदृढ कर काश्तकारों की माली हालत सुधारने का प्रयास किया जा रहा है और आशा की जा रही है कि निकट भविष्य में इसके सकारात्मक परिणाम नजर आए।
समारोह की अध्यक्षता डूंगरपुर प्रोजेक्ट के परियोजना समन्वयक एम एल बडीवाल ने की जबकि विशिष्ट अतिथि उप जिला प्रमुख प्रेमकुमार पाटीदार और सेंटर फॉर माईक्रोफाईनेंस के कार्यकारी निदेशक जयपालसिंह थे ।
अपने संबोधन में प्रेमकुमार पाटीदार ने जिल के निर्धन ग्रामीणों तक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अधिकाधिक लाभ पहुंचाने एवं स्वयं सहायता समूहों की वित्तीय स्थिति सुदृढ बनाने की दिशा में संस्थान को अपनी भूमिका तलाशने का आग्रह किया।
समारोह में सेन्टर फॉर माइक्रोफाईनेन्स के कार्यकारी निदेशक जयपाल सिंह ने संस्थान की गतिविधियों और कार्यशाला के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जिले में ३० प्रतिशत गृहस्वामी ही बैंकिंग संस्थाओं से जुडे है ऐसे में इन्हें उचित नेटवर्क प्रदान करने के लिए संस्थान का लांचिंग यहां किया गया है।
कार्यशाला में स्वयं सहायता समूहों की वित्तीय स्थिति एवं डूंगरपुर में सेन्टर फॉर माइक्रोफाइनेन्स की भूमिका एवं प्रोजेक्ट के संबंध में विस्तृत विवेचना एवं योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया।
इस अवसर पर अग्रणी जिला प्रबन्धक टीसी महावर, पीडो माडा निदेशक देवीलाल व्यास, अनिल कुमार सिंह, प्रसन्ना पटनाईक, कृष्णा आदि भी मौजूद थे।