बीकानेर। मंगलवार को बार एसोसिएशन में पत्रकारों से रूबरू होते हुए अध्यक्ष अजय पुरोहित ने जानकारी दी कि आजादी के बाद एकीकृत राजस्थान राज्य की स्थापना की गई थी उस दौरान हाईकोर्ट की स्थापना जोधपुर में की गई थी। उस समय भी संभागीय मुख्यालयों पर हाईकोर्ट बैंच की मांग की जानी लगी थी। भौगोलिक दृष्टि से बडा राज्य होने के कारण मुकदमों की अपार संख्या को देखते हुए 1975-76 में राजस्थान हाईकोर्ट बैंच की जयपुर पीठ की स्थापना की गई थी उस समय भी बीकानेर संभाग से यह आवाज उठी थी कि बीकानेर संभागीय मुख्यालय पर हाईकोर्ट बैंच की स्थापना की जाए। हाईकोर्ट का विकेन्द्रीयकरण कर संभागीय स्तर पर हाईकोर्ट की बैच स्थापना करने से निश्चित ही संभाग के गरीब, असहायत व पिछडी जनता को सस्ता सुलभ न्याय मिल सकेगा। उन्होनें बताया कि उतर पश्चिम राजस्थान बीकानेर संभाग का जो क्षेत्र है यहां आम जनता की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है अगर ऐसे में हाईकोर्ट बैंच की स्थापना कर दी जाए तो यहां के लोगों को सस्ता एवं सुलभ न्याय मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट बैंच की स्थापना का मुद्दा उदयपुर में चलाया जा रहा है अगर देखा जाए तो बीकानेर संभाग में मुकदमों की संख्या दुगनी है इसलिए संभागीय स्तर पर हाईकोर्ट बैंच की स्थापना का हम बीकानेर का पहला बनता है हाईकोर्ट बैच की स्थापना करने के लिए तुलनात्मक दृष्टिकोण से हक बनता है जबकि स्टेट टाइम में सन् 1921-22 में हाईकोर्ट की स्थापना तत्कालीन शासन ने की थी। पुरोहित ने बताया कि मंगलवार से सभी अधिवक्ता अनिश्चितकाल के लिए हडताल पर जाने का निर्णय कर लिया है तथा इस आंदोलन को गति प्रदान करने के लिए संभाग के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ तथा चूरू जिलों में जनअंदोलन चलाए जाने की बात कही जा रही है इस संभाग के सभी पार्टियों क नेता, मजदूर, व्यापार मंडल, स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को साथ लेकर इस आंदोलन में वृहद रूप से शामिल होने की बात कही है इस हडताल में तहसील स्तर पर भी बीकानेर के सभी न्यायालयों ने इस अनिश्चितकालीन हडताल का समर्थन किया है।