बीकानेर,14 सितम्बर। आयुर्वेद विभाग की ओर से शुक्रवार को सरदार मेडिकल कॉलेज के खेल मैदान में संभाग स्तरीय विशाल आरोग्य मेले (आयुष 2008) का शुभारंभ होगा।
आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डा.महेश चन्द्र जोशी ने कहस कि मेला आयोजित करने के पिछे विभाग का उद्ेश्य है कि आयुर्वेद,यूनानी और होमियोपैथी चिकित्सा पद्धति को जन जन तक पहुंचाया जाये। अब तक भरतपुर एवं जयपुर में इस प्रकार के मेलों का आयोजन हो चुका है और इसके उत्साह वर्द्धक परिणाम आये है। उन्होंने बताया कि मेले में आयुर्वेद की विभिन्न चिकित्सा पद्धति के विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल होंगे। पाईल्स,भंगदर और फिशर रोग के विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि भारतीय आयुर्वेद की पंचकर्म चिकित्सा पद्धति विश्व में लोक प्रिय हो रही है। इसके बारे में भी मौके पर लोगों को जानकारी दी जायेगी।
जिला आयुर्वेद चिकित्सालय के डाक्टर नरेन्द्र शर्मा ने बताया कि मेले का शुभारंभ दोपहर सवा बारह बजे सम्वित सोमगिरी महाराज द्धारा किया जायेगा। मेले में सुबह साढे छह बजे से साढे आठ बजे तक योगाचार्य विजय त्रिापाठी द्वारा योग विधा सिखाई जायेगी। सांय साढे छह बजे से साढे सात बजे तक आयुर्वेद विद्धानों द्वारा आयुर्वेद पर व्याख्यान होंगे। उन्होंने बताया कि मेले में राजस्थान कृषि विश्व विद्यालय द्वारा औषधीय पौधों की और उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र द्वारा ऊटनी के दूध से बने उत्पाद से मधुमेह उपचार पर प्रदर्शनी लगाई जायेग।
सहायक निदेशक आयुर्वेद बंशत कुमार उपाध्याय ने बताया कि मेले में उदयपुर और जयपुर आयुर्वेद संस्थाओं के प्रोफेसर क्रमशः महेश दीक्षित और औम दाधिच अपनी सेवाएं देंगे। इसके अलावा बून्दी भीलवाडा से भी आयुर्वेदाचार्य भी रोगियों को परामर्श देंगे। मेले में आयुर्वेद दवा उत्पादक और विक्रेता अपनी स्टाल लगायेगे। मेले में करीब 60 स्टाल लगेगी और यह मेला 23 सितम्बर तक चलेगा। मेले का समय दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक रहेगा।