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शेखावाटी महोत्सव का रंगारंग समापन
19 Feb 2008

वसंत की विदाई का तीन दिवसीय समारोह ’शेखावाटी महोत्सव‘ नवलगढ, राजस्थान में समाप्त हो गया। रेत के टीलों पर अठखेलियां करती हवाओं के बीच देसी-विदेशी पर्यटकों ने शेखावाटी की लोक संस्कृति में सराबोर होकर आनंद उठाया।


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नई दिल्ली, वसंत की विदाई का तीन दिवसीय समारोह ’शेखावाटी महोत्सव‘ नवलगढ, राजस्थान में समाप्त हो गया। रेत के टीलों पर अठखेलियां करती हवाओं के बीच देसी-विदेशी पर्यटकों ने शेखावाटी की लोक संस्कृति में सराबोर होकर आनंद उठाया। महोत्सव के दौरान लोकनृत्य और गीतों ने समा बांध दिया, वहीं ऊंट गाडी की यात्राा ने पर्यटकों को रोमांच से भर दिया।
समारोह का समापन करते हुए भूतपूर्व उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत ने शेखावाटी क्षेत्रा के लोगों से अपील की कि वे अपनी संस्कृति और परंपराओं को संजोकर रखें ताकि देश और दुनिया के लोग इस रंग-बिरंगी जीवनशैली का आनंद उठा सकें।
शेखावत ने बताया कि उन्ह दुनिया के अनेक देशों में जाने का मौका मिला और सबसे बडी बात उन्होंने यही देखी कि हर देश अपनी सांस्कृतिक पहचान बनाए रखता है, लेकिन हम अपने आसपास के माहौल में यह देख रहे हैं कि अपनी संस्कृति को बचाने की कोशिश वैसी नहीं हो रही है जैसी होनी चाहिए। यदि हमें शताब्दियों तक जीवित रहना है तो हमें अपनी कला, जीवनशैली और लोक व्यवहार को संवार कर सुरक्षित रखना होगा।
Former VP Bhiron Singh Shekhawat Welcomes by Kamal Murarka [Ex Union Minister] in Shekhawati festiva शेखावत ने कहा कि शेखावाटी क्षेत्रा में अनेक कलात्मक हवेलियां हैं । ये हवेलियां राजस्थान की ही नहीं बल्कि देश की धरोहर हैं। हालांकि ये लोगों की अपनी निजी संपत्ति है, फिर भी इस क्षेत्र की लोकसंस्कृति की मुंह बोलती तस्वीर है। लोगों को इनके दरवाजे पर्यटकों के लिए खोलने चाहिए ताकि इस क्षेत्र के लोग पर्यटन के रोजगार से जुड सकें और आर्थिक लाभ भी उठा सकें। इससे इन हवेलियों का लंबे समय तक संरक्षण हो सकेगा।
शेखावाटी क्षेत्र के परंपरागत धनिकों की चर्चा करते हुए भूतपूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमें इस बात का गर्व होना चाहिए कि प्रकृति की कठोरता के बावजूद इस क्षेत्र ने देश और दुनिया को सबसे अधिक समृद्ध व्यवसायी दिए हैं। उन्होंने शेखावाटी महोत्सव के आयोजक प्रमुख, भूतपूर्व केंद्रीय मंत्री और उद्योगपति कमल मोरारका से कहा कि वे शेखावाटी क्षेत्र की कला और संस्कृति के अनछुए पहलुओं पर भी ध्यान दें और उनके संरक्षण के लिए आंदोलन चलाएं ताकि इस क्षेत्र के लोग अधिक से अधिक आत्मनिर्भर हो सकें।
समारोह में अध्यक्ष पद से बोलते हुए कमल मोरारका ने विश्वास दिलाया कि मोरारका फाउंडेशन इस क्षेत्र के किसानों, लोक कलाकारों और निवासियों की सेवा के लिए हर क्षण तत्पर है और उनके विकास के लिए हर संभव सहयोग करेगा।




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