बीकानेर, बीकानेर मे आज भिन्न भिन्न जगहों पर वृक्षारोपण हुआ। 60वें वन महोत्सव के उपल्क्ष्य मे हरित राजस्थान अभियान की सर्वप्रथम सात बजे जीवणनाथजी की बगेची मे मुख्य सचेतक वीरेन्द्र बेनीवाल ने पौधारोपण कर अभियान की शरूआत कि। इस अवसर पर पूर्व मंत्री डा.बी.डी.कल्ला, जर्नादन कल्ला और नगर निगम बीकानेर के महापौर मकसूद अहमद ने भी वृक्षारोपण किया। हरित राजस्थान अभियान का दुसरा और मुख्य कार्यक्रम महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय मे हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान विधान सभा में मुख्य सचेतक वीरेन्द्र बेनीवाल थे। उन्होने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुआ कहा कि हरित राजस्थान कार्यक्रम को जन आन्दोलन के रूप में लेकर इस धरा को हरा-भरा करना है। सभी जनप्रतिनिधि और आमजन को संकल्प लेना है कि स्वयं पौधा लगाने और दूसरों को वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित करेंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की हरित राजस्थान कार्यक्रम की भावना के अनुरूप गांव-ढाणी में वृक्ष लगाने है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास एवं धरती पर वृक्षों की कमी से पर्यावरण दुषित हुआ है और इसका हमारे दैनिक जीवन पर प्रतिकूल असर पड रहा है। इस लिए जरूरी है कि वृक्षारोपण के लिए जन समुदाय को प्रेरित करे। उन्होंने कहा कि वृक्ष मनुष्य के असतित्व से सीधा हुआ है। हरित राजस्थान जन कल्याण का कार्यक्रम है और इसकी सफलता से पूरा वातावरण शुद्ध होगा।
मुख्य सचेतक ने कहा कि हरित राजस्थान कार्यक्रम को नरेगा से जोडा गया है। यह पूरे पांच वर्ष तक चलेगा। वृक्ष लगाना ही हमारा उद्ेश्य नहीं होना चाहिए, उसे जीवित कैसे रखे, यह हमारे लिए चैलेंज है और इसे हमें पूरा करके दिखाना है। उन्होंने कहा कि आज जो पौधे लगे है इसे पूण्य मानते हुए अपने बच्चों के भविष्य के लिए उन्हें सुरक्षा प्रदान करें। वृक्षों का पालन अपने नन्हें बच्चों की तरह करना होगा। उन्होंने कहा कि आबादी विस्तार से मनुष्य की आवश्कताओं की पूर्ती के लिए जिस गति से पेड कटे है,उस गति से लग नहीं पाये। साथ औद्योगिक विकास से वातावरण दुषित हुआ है। ऐसे ही पेड कटना जारी रहा तो पृथ्वी के तापमान में वृद्धि होगी और धरती और जीवों का जीवन खतरे में पड जायेगा। उन्होंने कहा कि आपका छोटासा प्रयास इस धरा को हराभरा बना सकता है। उन्होंने वनों के घटते आकार पर चिन्ता व्यक्त की और कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए इस महत्वकांक्षी कार्यक्रम को मूर्तरूप देना है। उन्होंने वृक्षों को स्थाई परिसंपतियां बताते हुए कहा कि यह आने वाली पीढी की धरोहर है। उन्होंने कहा कि इस अभियान से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोडा जाये तभी हम राज्य को हराभरा बना सकेंगे।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मंत्री डा.बी.डी.कल्ला ने वृक्षों के महत्व को उजागर किया और कहा कि मनुष्य के जन्म से मरण तक वृक्ष उनके साथी रहे है। उन्होंने कहा कि हमें प्राणवायु देने वाले वृक्ष ही है। इनका अस्तित्व बचेगा तभी हमारा ही नहीं इस धरा का प्रत्येक जीव का जीवन बचेगा। उन्होंने कहा कि वृक्षों की कमी से ही राज्य को अकाल का सामना करना पडता है। जहां घने वन होंगे वहां बरसात भी अधिक होगी। वृक्ष बाढ एवं अकाल से हमें बचाते आये है। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव रस्मीतौर पर न हो, पेडों के साथ व्यक्ति समय बिताये। इनको दिया गया समय आप को स्वस्थ रखेगा। उन्होंने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सप्ताह में दो दिन डीजल एवं पेट्रोल वाहनो का उपयोग नहीं करने का सुझाव भी दिया।
इस अवसर पर संभागीय आयुक्त एवं महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रीतम सिंह,नगर निगम के महापौर मकसूद अहम्मद, विधायक डा.गोपाल जोशी ने भी विचार व्यक्त किये। मण्डल वन अधिकारी अरूण सक्सेना ने स्वागत भाषण में दिया।
इससे पूर्व मुख्य सचेतक बेनीवाल ने वैदिक की रीति नीति से नीम के पौधे की पूजा की और वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर अतिथियो सहित आई जी पुलिस मेघचन्द मीणा,जिला कलक्टर श्रेया गुहा,जिला पुलिस अधीक्षक एच.जी.राघवेन्द्र सुहासा,मुख्य वन संरक्षक एस.एस.चौधरी,राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर में प्रसार शिक्षा निदेशक डा.हनुमान प्रसाद और विश्वविद्यालय के स्टॉफ ने करीब ५० पौधे विभिन्न प्रजातियों के लगाये। मुख्यकार्यकारी अधिकारी जिला परिषद एम.एल.खीची ने नरेगा के तहत जिले में लगने वाले पाधों और उनपर खर्च होने वाली राशि का ब्यौरा दिया और सभी का आभार व्यक्त किया।
म्युजियम चौराहे पर भी हुआ वृक्षारोपण
मुख्य सचेतक वीरेन्द्र बेनीवाल ने नगर विकास न्यास, भीम सेन चौधरी स्मारक समिति, अमर शहीद कैप्टन चंद्र चौधरी मेमोरियल ट्रस्ट और डा.तनवीर मालावत हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च इन्स्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वन महोत्सव में वृक्षारोपण कर हरित राजस्थान की शुरूआत की। पूर्व मंत्राी डा.बी.कल्ला, खादी बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भवानी शंकर शर्मा एवं शहीद कैप्टन चंद्र चौधरी के परिजन ने विधिवत पूजा अर्चना कर वृक्षारोपण किया।
इस अवसर पर मुख्य सचेतक बेनीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्राी अशोक गहलोत ने राज्य को हराभरा बनाने के लिए जीव और पृथ्वी के अस्तित्व को बचाने के लिए बहुपयोगी कार्यक्रम दिया है। उन्होंने कहा कि प्रकृति की सुन्दरता वृक्षों से ही हैं। आज का समारोह शहर को जहां शुद्ध प्राण वायु देगा वहीं इसकी सुन्दरता में इजाफा करेगा। उन्होंने कहा कि जब वायुमण्डल शुद्ध रहेगा, हम निरोगी रहेंगे। अतः अपने स्वस्थ जीवन के लिए शहर एवं प्रदेश को हराभरा बनाने में सहायक बने।
समारोह में अमर शहीद कैप्टन चंद्र चौधरी के पिता कन्हैया लाल सियाग ने कहा कि शहीदों की वजह से हमारी सीमाएं सुरक्षित है। उन्होंने जिले के गुमनाम रहे शहीदों के नाम पर चौराहा एवं उनकी प्रतीमा लगाने का सुझाव दिया। डा.तनवीर मालावत ने कहा कि आज पूरा विश्व पर्यावरण प्रदूषण के गंभीर संकट से गुजर रहा है। सृष्टि अपने विनाश की तरफ बढ रही है। ऐसे में मुख्यमंत्राी ने इस संकट की चुनौती का सामना करने के लिए राज्य को हराभरा बनाने का संकल्प लिया है,जिसे जन सहयोग से ही पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया के धर्म एवं दर्शनों में प्रकृति को स्वीकारा है।
इस अवसर पर खादी बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भवानी शंकर शर्मा,एडवोकेट आर.के.दास गुप्ता,आई जी पुलिस मेघचन्द मीणा,जिला कलक्टर श्रेया गुहा,जिला पुलिस अधीक्षक एच.जी.राघवेन्द्र सुहासा,नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष सोमचन्द सिंघवी अतिथि के रूप में उपस्थित थे। नगर विकास न्यास सचिव हनुमान सिंह शेखावत ने सभी का आभार व्यक्त किया। समारोह में महापौर मकसूद अहमद, संजय आचार्य, सलीम भाटी, सुनीता गौड, वीरेन्द्र चौधरी, होलसेल भण्डार के अध्यक्ष सुरेन्द्र व्यास, उमर खान, सीवरी चौधरी, प्रेम रतन जोशी, नित्यानन्द पारीक, डी.सी.गहलोत सहित बडी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
इंजीनियरिंग कॉलेज मे वृक्षारोपण
मुख्य सचेतक वीरेन्द्र बेनीवाल ने इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर के परिसर में वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री डा.बी.डी.कल्ला, खादी बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भवानी शंकर शर्मा, जर्नादन कल्ला, एडवोकेट हीरा लाल हर्ष, उरमूल डेयरी के चैयरमैन राजा राम जोरड, प्राचार्य एम.पी.पूनिया,डा.तनवीर मालावत,उरमूल डेयरी एम.डी. डा.रणवीर सिंह गोदारा सहित बडी संख्या में लोगों ने वृक्ष लगाये।
मुख्य सचेतक बेनीवाल ने वृक्षारोपण से पहले सभी को वृक्षों की सुरक्षा एवं पर्यावरण संतुलन बनाये रखने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि कहा कि हरियाली से सभी जीवों को सुकून मिलता है। उन्होंने कहा कि सामुहिक प्रयासों से ही राज्य को हराभरा बनाया जा सकता है। उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। पूर्व मंत्राी बी.डी.कल्ला ने कहा कि किसी भी संस्थान का विकास तभी हो सकता है,जब उसे स्वायतता मिले। उन्होंने इस इंजीनियरिंग कॉलेज को डीम यूनिवर्सिटी बनाने पर बल दिया। प्राचार्य एम.पी.पूनिया ने कॉलेज की आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला और बताया कि इस कॉलेज में एक हजार पौधे पहले से ही लगे हुए है। इस अवसर पर खादी बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भवानी शंकर शर्मा और डा.तनवीर मालावत ने भी विचार व्यक्त किये।
मुख्य सचेतक बेनीवाल,पूर्व मंत्राी कल्ला एवं भवानी शंकर शर्मा ने व्याख्याता शौकत अली, नरपत सिंह एवं गणेश सिंह द्वारा लिखित पुस्तकों का लोकापर्ण किया। उन्होंने माउन्ट आबू कैम्प में बेहतरीन फायरिंग के लिए एन.सी.सी.कैडेट तनुश्री और श्यामा रौठाड और कैम्प सीनियर मनीषा पूनिया को सम्मानित किया। आभार ओ.पी.जाखड ने ज्ञापित किया।