बीकानेर। प्रदेश में चल रही 108 एम्बुलेस सेवाएं अपना कार्य कर रही हैं वहीं दूसरी ओर बताया जा रहा है कि मनमाने तरीके से संचालित हो रही 108 एम्बुलेंस सेवाओं पर कोई भी प्रशासनिक नियंत्रण नहीं होने के कारण असफल होता नजर आ रहा हैं संभाग के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इस दिशा में की जा रही कार्यवाही के चलते सेवाप्रदत ईएमआरआई कंपनी के जिला प्रतिनिधि ने अपन पद से त्याग पत्र दे दिया जिसके कारण 108 एम्बुलेंस सेवाओं से संबंधित जानकारी प्रशासन तक नहीं पहुंच सकी। गौरतलब है कि समाजसेवी आदर्श शर्मा ने 13 जुलाई 2009 को संभागीय आयुक्त को ज्ञापन प्रेषित कर 108 एम्बुलेंस में बरती जा रही अनियमितताओं से अवगत करवाया था इस पर जिला स्तर पर प्रशासनिक नियंत्रण किये जाने की मांग की ऐसा ही एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को 20 जुलाई 09 को दिया था। संभागीय आयुक्त ने पीबीएम अधीक्षक, जिला कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को नोटिस भेजकर 108 सेवा से जुडे सभी तथ्यों की जानकारी मांगी। अस्पताल अधीक्षक ने तुरंत कार्यवाही करते हुए एक जांच कमेटी गठित कर दी। कमेटी में अस्पताल के चार विशिष्ट चिकित्सकों को शामिल किया गया। जिला एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिला कलेक्टर को पत्र प्रेषित कर अवगत करवाया कि यह मामला उनके कार्यालय से संबंधित नहीं है इसलिए वे 108 एम्बुलेंस सेवा के बारे में जानकारी नहीं दे सकते। जबकि सेवा प्रदत ईएमआईआर कंपनी को प्रदेश स्तर पर राष्ट्रीय स्तर पर ग्रामीण मिशन के तहत भुगतान किया जाता है दूसरी ओर अस्पताल की जांच कमेटी ने सेवाप्रदत कंपनी के जिला प्रभारी को पत्र प्रेषित कर कमेटी के समक्ष उपस्थित होने का लिखा लेकिन जिला प्रभारी ने कमेटी के समक्ष उपस्थित न होकर अपना त्यागपत्र दे दिया। सेवाप्रदत कंपनी के रखरखाव अधिकारी ने लिखित में जांच कमेटी ने जानकारी दी। लेकिन अब तक यह बताया जाता है कि अब तक उनके पद पर किसी अन्य की नियुक्ति नहीं की गई है। कुल मिलाकर इससे 108 एम्बुलेंस सेवा पर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी का नियंत्रण नहीं हो पाया।