बीकानेर। जिला कलक्टर श्रेया गुहा ने राजस्व अधिकारियों को राजस्ववादों एवं हरित राजस्थान अभियान को लक्ष्य के अनुरूप संपादित करने के निर्देश दिये है। गुहा ने बुधवार को कलेक्ट्रट सभागार में आयोजित बैठक में राजस्व मामलों,नरेगा एवं उपनिवेशन क्षेत्रा में वन भूमि पर उपजे विवादों की समीक्षा की और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को राजस्ववादों के कम निस्तारण को गंभीरता से लिया और निर्देश दिये कि वर्ष 1994 से पूर्व के बकाया राजस्व अभियोगों का निरस्तारण तत्परता से करें। जिले में ऐसे 36 राजस्व अभियोग के मामले पेडिंग चल रहे है। इनके अलावा वर्तमान में राजस्व न्यायालयों में 3 हजार 797 मामले चल रहे है। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आए कि पीठासीन अधिकारीगण निर्धारित नोर्मस के अनुसार मामले निस्तारित नहीं कर सके है। इस पर गुहा ने कहा कि नोर्मस के अनुसार मामलों का निरस्तारण नहीं होने पर संबंधित अधिकारी के प्रतिवेदन में प्रतिकूल प्रविष्ट की जा सकती है। जिला कलक्टर ने उपनिवेशन क्षेत्रा में वन विभाग की भूमि पर उपजे विवादों की समीक्षा की और कहा कि काश्तकारों के मूल आवंटन पत्रावलियों से विनिमय या भूमि को डिफोरेस्ट की कार्यवाही करवाई जानी है,उनके प्रस्ताव 15 दिनों प्रस्तुत किये जाये। उन्होंने रोडा एक्ट,पी.डी.आर.एक्ट एवं एल.आर.एक्ट के प्रकरणों को शीघ्र निस्तारण तथा ऑडिट आक्षेपों की पालना के भी निर्देश दिये। उन्होंने राष्ट्रीय रोजगार गारन्टी योजना में श्रमिकों के भुगतान की स्थिति की जानकारी ली और योजना के तहत पूर्ण हुए कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्रा प्राप्त करने के निर्देश दिये। क्षेत्रा में पानी-बिजली एवं चिकित्सा सेवाओं की स्थिति जानकारी ली और कहा कि रामदेवरा रूट के पैदल यात्रिायों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था रहनी चाहिए। जिले में स्कूलों में अध्यापकों की व्यवस्था के बारे में उन्होंने संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिये और कहा कि जिन शिक्षको का पदस्थापन स्कूलों में हुआ है और उन्होंने पदभार नहीं संभाला है, उनकी रिपोर्ट तैयार की जाये। अगर वे चिकित्सा अवकाश पर है, तो मेडिकल बोर्ड गठन कर उनके स्वास्थ्य की भलीभांति से जांच की जाये। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन करेंगे। बैठक में उपखण्ड अधिकारी बीकानेर मदन लाल सियाग,लूणकरनसर उपखण्ड अधिकारी बीरबल,खाजूवाला उपखण्ड अधिकारी केदार गुप्ता एवं विकास अधिकारी श्रीडूंगरगढ मोहन लाल जाट ने राजस्व कार्यो की जानकारी दी।