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शहीद की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता - चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री
19 Nov 2007

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जयपुर, १९ नवम्बर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिगम्बर सिंह ने कहा है कि देश की आन, बान और शान के लिए मर मिटने वाले शहीदों की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
डॉ.सिंह रविवार को चूरू जिले के पहाडसर गांव में शहीद सुभाषचन्द सिहाग की प्रतिमा का अनावरण एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि शहीदों की स्मृति को चिर स्थाई बनाये रखने के लिए शहीद स्मारक एवं शहीद प्रतिमाएं लगाई जा रही है, इससे युवा पीढी को त्याग, बलिदान और देश भक्ति की प्रेरणा मिलती रहेगी।
उन्होंने शहीद के माता-पिता एवं पत्नी को नमन करते हुए कहा है कि धन्य है, ऐसे माता -पिता जिन्होंने अपने पुत्र को देश सेवा के लिए दे दिया तथा धन्य है शहीद वीरांगना जिसने अपने सुहाग का बलिदान देश के लिए कर दिया।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार कर गांव और ढाणी में बैठे जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवा रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में धन की कोई कमी नहीं आने दी जायेगी। उन्होंने राज्य में चिकित्सा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में गत चार वर्षों में ८१६ उप स्वास्थ्य केन्द्र, ९४ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, ९५ आयुर्वेद चिकित्सालय, ६५ होमियोपैथिक चिकित्सालय तथा २४ यूनानी चिकित्सालय खोले गये हैं। इसके अलावा ६६ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में क्रमोन्नत किया गया है। साथ ही २ हजार ५४ आवासीय क्वार्टर बनाये गये है। उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूता महिलाओं को १४०० रूपये की आर्थिक सहायता देने के साथ ही डिलीवरी पर होने वाले खर्चे का वहन भी राज्य सरकार करेगी। सीनियर सीटीजन को भी बी.पी.एल. परिवारों के समान निःशुल्क चिकित्सा सुविधा दी जायेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में कोई अन्तर नहीं है, जो कहती है वह करती है। उन्होंने इस मौके पर पहाडसर की सैकेण्डरी स्कूल को सीनियर सैकेण्डरी में क्रमोन्नत करने का भरोसा दिलाया। इसके साथ ही चूरू जिले की राजगढ तहसील में भवन रहित १९ उप स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन बनाने की घोषणा भी की। प्रत्येक भवन के लिए ४.५० लाख रूपये की राशि स्वीकृत की जायेगी।
सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के अध्यक्ष श्री प्रेमसिंह बाजौर ने कहा कि शहीद की कोई जाति नहीं होती है अपितु वह राष्ट्र के धरोहर होते है। उन्होंने कहा कि सरकार शहीद परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य में ९ जिलों में सैनिक कल्याण अधिकारियों की संख्या को वर्तमान सरकार ने बढाकर २० कर दी है। शहीदों व पूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए जयपुर में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास बनाये गये हैं। कोटा में भी छात्रावास की सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी जिलों में शहीदों की समस्याओं का समाधान करने के लिए सैनिक समस्या समाधान शिविर आयोजित कर उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया गया है।
खनिज राज्य मंत्री श्री खेमाराम मेघवाल ने कहा कि राज्य में चिकित्सा सेवाओं का काफी विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि वहीं होता है जो जनता के बीच में रहकर काम करता है और उनकी आवश्यकताओं पर खर्रा उतरता है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए सांसद श्री रामसिंह कस्वा ने कहा कि राज्य सरकार ने गत चार वर्षों में जितने विकास कार्य करवाये हैं उतने पहले कभी नहीं हुए हैं। समारोह में जिला प्रमुख श्रीमती कमला कस्वा, शहीद के माता पिता व पत्नी सहित पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं ग्रामीण जन मौजूद थे।




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