जयपुर, १९ नवम्बर। राज्य में मिड-डे-मील योजना के तहत गठित ट्रस्ट को केन्द्र सरकार द्वारा आयकर में छूट न देने के कारण लाखों स्कूली बच्चों के हितों पर कुठाराघात हुआ है।
राज्य सरकार ने मिड-डे-मील योजना के तहत स्कूलों में छात्र-छात्राओं को भोजन के साथ पौष्टिक आहार में फल, मिठाई - दूध आदि उपलब्ध कराने के लिये दानदाताओं, निजी संस्थाओं से सहयोग लेने के उद्देश्य से इस ट्रस्ट का गठन किया था। अनेक दानदाताओं ने आगे आकर इसमें सहयोग किया और अभी भी मदद मिल रही है। इस ट्रस्ट की धन राशि राज्य सरकार के पास रहती है।
राज्य सरकार गत डेढ वर्ष से केन्द्र सरकार से ट्रस्ट की राशि को आयकर अधिनियम की धारा ३५ के तहत छूट देने का आग्रह कर रही है। केन्द्र सरकार द्वारा ऐसे जन हितैषी कार्यो के लिये गठित ट्रस्टों को छूट भी दी जा रही है परन्तु राजस्थान सरकार द्वारा बच्चों के हितों के लिये गठित ट्रस्ट को यह छूट नहीं दी गयी ।
केन्द्र सरकार एक ओर निजी - सार्वजनिक भागीदारी को बढावा देने की बात करती है परन्तु केन्द्र सरकार ने राजस्थान की परिपेक्ष में अपनी ही नीति के विरुद्ध निर्णय लिया है।
राज्य में मिड-डे-मील योजना के सफल एवं कुशल संचालन के कारण आज पूरे प्रदेश में यह योजना एक मॉडल के रूप में संचालित हो रही है। अनेक राज्यों ने भी इस मॉडल को अपनाया है, यही नहीं भारत सरकार एवं योजना आयोग ने भी इसके कुशल प्रबंधन एवं सफल क्रियान्वयन की सराहना की है।