बीकानेर, त्यौहारी सीजन के खत्म होते ही अब इलैक्ट्रोनिक मार्केट ने सर्द ऋतु की तैयारिया शुरू कर दी है। व्यापारियों द्वारा गीजर रूम हीटर जैसे उत्पादों की खरीद करना भी प्रारम्भ कर दिया है। इस सीजन में व्यापारियों को करोड रूपयों का टर्नओवर होगा। व्यापारियों के अनुसार त्यौहारी सीजन में भी बाजार सुस्त रहने से अब व्यापारी सोच समझकर माल खरीद रहें है। ऐसा माना जा रहा है कि बिजली की दरों में बढोतरी से उपभोक्ताओं में गैस गीजर की मांग ज्यादा हैं। इससे इलेक्ट्रिक गीजर का मार्केट पूरी तरह प्रभावीत रहने की संभावना है। सर्दी को देखते हुये गर्म पानी के लिए एक सौ पचास रूपए से लेकर नौ हजार रूपये तक उपकरण एवं कमरों को गर्म रखने के लिए एक सौ अस्सि रूपये से लेकर पांच हजार रूपये तक के रूम हीटर बाजार में उपलब्ध है। प्रभावीत रहेगा गैस गीजर- बिजली कमी के चलते शहर में होने वाली अघोषित कटौती का सीधा असर इलेक्ट्रोनिक बाजार पर है। पिछले सीजन में जहां इलेक्ट्रोनिक बाजार पर है। पिछले सीजन में जहां इलेक्ट्रोनिक गीजर की मांग ज्यादा थी। इस बार गैस गीजर को ज्यादा पसंद किया जा रहा है। बाजार में नौ सौ रूपए से आठ हजार रूपये तक इलेक्ट्रोनिक गीजर है जो तीन युनिट प्रति घण्टे के हिसाब से बिजली की खपत करते है। वही गैस गीजर काफी सस्ते है, छह सौ रूपए से तीन हजार रूपये तक की कीमत में बिकने वाले गैस गीजर एक सिलेण्डर में करीब सात हजार लीटर पानी गर्म करने की क्षमता रखते है। गैस सिलेण्डरो की बढती कालाबाजारी- इलेक्ट्रोनिक गीजर की तुलना में अगर गैस गीजर की मांग इसमें ज्यादा रहती है तो इससे सिलेण्डरो की आपूर्ति भी प्रभावीत होगी। अनुमान है कि इस सीजन में चार हजार से पांच हजार गैस गीजर बिकनें की उम्मीद है। जिसके चलते शहर में पांच हजार नए सिलेण्डरो की जरूरत उपभोक्ता को पडेगी। जिसकी आपूर्ति अगर एजेंसीया नहीं कर पाती है तो इससे सिलेण्डरों की कालाबाजारी में बढोतरी होगी और साथ ही घरेलू उपभोक्ता को परेशानी का सामना करना पडेगा। शहर के व्यवस्तम बाजारों में स्थित दूकानों पर भी बिना आईएसआई मार्को के इलेक्ट्रोनिक उप्पादों की बिक्री धडल्ले से हो रही है। सक्बंधित विभाग अभी तक आंखे मूंदे बैठा है। दिपावली पर जहां लाखों रूपये के उत्पाद बिना आईएसआई मार्को के बिक गये। वही अब सर्दी के सीजन में भी इनकी बिक्री परवान पर है। गैस गीजर इलेक्ट्रोनिक गीजर एवं अन्य इलेक्ट्रोनिक उत्पाद जो घरों में उपयोग लिये जाते है कि बिना आईएसआई मार्का के बेचना प्रतिबंधित है। मगर नियमों को ताक पर रखकर ये उत्पाद सरेआम दूकान पर बिकते नजर आ रहे है। बिजली व्यवसाय से जूडे जानकारों का कहना है कि ऐसा उत्पादों के उपयोग से दुर्घटना होने की संभावना बढ जाती है। ब्राण्डेड उत्पादों की तुलना में सस्ते होने के कारण उपभोक्ता का रूझान ऐसे उपकरणों की ओर ज्यादा बढ रहा है। एयर कंडीशनर की जगह अब रूम हीटर में बदलती टेक्नोलॉजी के साथ घरेलू जरूरत के इलेक्ट्रोनिक उत्पादों में भी बदलाव आया है। पहले जहां रूम हीटर को रखने में कठिनाई होती थी। वही अब ऐसी स्टाइल में स्पिलिट रूम हीटर भी बाजार में उपलब्ध है। तीन हजार रूपए से पांच हजार रूपये तक का यह रूम हीटर पूरी तरह से रिसोट से संचालित होता है। ।