हनुमानगढ, १९ दिसम्बर। राज्य सरकार के चार वर्षों के कार्यकाल के दौरान अलग अलग अवसरों पर आयोजित राजस्व अभियानों सहित अन्य अवसरों पर जिले में टी.सी. (अस्थाई काश्तकार) आवंटियों को नियमन का सुअवसर प्रदान किया गया। टीसी आवंटियों को पुख्ता की सौगात से नवाजने के लिए राज्य सरकार ने अनेक प्रकार की छूट विविध वर्गों के लिए प्रदान की। राज्य सरकार ने सामान्य वर्ग के काश्तकारों के लिए वर्तमान आरक्षित दर की ५० प्रतिशत दर निर्धारित की यानि आरक्षित दर की मात्र आधी राशि देने पर ही सामान्य वर्ग के टी.सी. आंवटियों को नियमित किया गया।
इसी प्रकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछडा वर्ग व गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले (बीपीएल) परिवार के काश्तकारों को आरक्षित दर का २५ प्रतिशत देने पर ही नियमन का लाभ प्रदान किया गया। इन श्रेणियों के टी.सी आवंटी इस तरह आरक्षित दर का मात्र चौथाई हिस्सा जमा करवाकर नियमन के हकदार बने। जिले में राज्य सरकार के चार वर्षों के कार्यकाल में विभिन्न अवसरों पर आयोजित राजस्व शिविरों में अधिकारियों को टी.सी. से पुख्ता के प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के लिए विशेष निर्देश थे। काश्तकारों ने मामूली दरों पर मिली इस सुविधा का भरपूर लाभ उठाया।
जिला कलक्टर श्रीमती मुग्धा सिन्हा ने बताया कि जिले में राजस्व विभाग द्वारा गत चार वर्षों म कृषकों व आमजन की सुविधा के लिए विशेष प्रयास करते हुए टीसी से पुख्ता आवंटन के ४४३ प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इसी क्रम में एक हजार ४०८ हैक्टेयर रकबे का आवंटन कर ७८ लाख ६७ हजार ९०६ रूपये का राजस्व अर्जित किया गया है। । इसमें से राज्य सरकार द्वारा समय - समय पर प्रदान की गई छूट की बदौलत रियायत अवधि में करीब ४८८ प्रकरणों का निस्तारण शामिल है। छूट के लिए मिले भरपूर अवसर टीसी काश्तकारों को पुख्ता बनने के लिए राज्य सरकार ने अपने चार वर्षों के कार्यकाल में भरपूर अवसर प्रदान किए। राज्य सरकार ने १५ अक्टूबर २००४, ३१ मार्च २००५ एवं २७ जून २००५ को उपनिवेशन क्षेत्र में टीसी आवंटियों को पुख्ता आवंटन करने के लिए मूल्य में छूट प्रदान की तथा इसके लिए रियायत की अवधि को बार-बार बढाते हुए ३० सितम्बर २००७ तक काश्तकारों को लाभ उठाने का अवसर प्रदान किया, इससे जिले में सैकडों काश्ताकर लाभान्वित हुए। चार वर्षों में उपखण्डवार प्रगति का ब्यौरा चार वर्षों में टीसी से पुख्ता प्रकरणों की उपखण्डवार प्रगति का ब्यौरा देते हुए जिला कलक्टर ने बताया कि हनुमानगढ तहसील में टीसी से पुख्ता के ३४.६६१ हैक्टेयर के २० प्रकरणों से २१ लाख ३० हजार ८८, संगरिया में ०.७५९ हैक्टेयर के १ प्रकरण से २४ हजार, टिब्बी में ८०.९४७ हैक्टेयर के ६३ प्रकरणों से ६ लाख ९७ हजार ५००, रावतसर में १०३७.३ हैक्टेयर के १७७ प्रकरणों से १५ लाख ५९ हजार ६२५, नोहर में २१६.१२ हैक्टेयर के ७२ प्रकरणों से २१ लाख ९२ हजार ४३ तथा भादरा में ३८.६५६ हैक्टेयर के टीसी से पुख्ता के ५० प्रकरणों का निराकरण करते हुए १२ लाख ६४ हजार ६५० का राजस्व अर्जित किया गया।