मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दखल के बाद राजस्थान विधानसभा में पिछले तीन दिनों से चल रहा गतिरोध आज सुबह समाप्त हो गया। गहलोत ने पहले प्रतिपक्ष के कार्यवाहक नेता घनश्याम तिवाड़ी से बातचीत की और सहमति बनने के बाद दूध पिलाकर उनका आमरण अनशन तुड़वाया। इसी के साथ विधानसभा में चल रहा विपक्ष का धरना एवं इसे लेकर भाजपा द्वारा चलाया जा रहा राज्यव्यापी आंदोलन भी समाप्त हो गया। गहलोत और तिवाड़ी के बीच हुई समझौता वार्ता में यह सहमति हुई कि दोनों निलम्बित विधायकों हनुमान बेनीवाल और राजेन्द्र सिंह राठौड़ का निलम्बन वापस ले लिया जाएगा तथा प्रदेश में पानी की स्थिति दुबारा से चर्चा होगी। गहलोत ने कहा कि सत्ता और प्रतिपक्ष के बीच बने गतिरोध को दूर करने के लिए सोमवार को सुबह नौ बजे विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में बैठक पर सहमति बनी है। राठौड़ और हनुमान बेनीवाल का निलम्बन वापस लेने तथा अन्य मुद्दों पर विधानसभा अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह शेखावत को निर्णय लेना है। गौरतलब है कि शुक्रवार को सदन में राठौड को सदन से बाहर निकालने के प्रयास में विधायकों और मार्शल के बीच धक्का-मुक्की हुई थी। चार विधायकों के चोट लगने के बाद घनश्याम तिवाड़ी आमरण अनशन पर बैठ गए थे। उनके साथ 11 अन्य विधायक भी क्रमिक अनशन पर थे।