श्रीमती राजे का हरियाणा के मुख्यमंत्री से आग्रह
जयपुर, २० जून। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा से हरियाणा राज्य में ओटू झील में पानी की क्षमता बढाने के कार्य पर तुरन्त रोक लगाने का आग्रह किया है।
श्रीमती राजे ने मंगलवार को इस सम्बन्ध में हरियाणा के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि इस कार्य से आगे चलकर राजस्थान राज्य को प्राप्त होने वाले पानी की मात्रा में और अधिक कमी आयेगी और घग्घर/नाली बेड के किसानों में भारी असंतोष उत्पन्न होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके यह ध्यान में लाया गया है कि इस सम्बन्ध में भारत सरकार द्वारा गठित घग्घर स्टेन्डिंग कमेटी की पूर्व अनुमति के बगैर ये कार्य चालू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि घग्घर नदी का उद्गम स्थल हिमाचल प्रदेश है जो पंजाब, हरियाणा और राजस्थान राज्य में प्रवेश करती है। राजस्थान राज्य के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर और हनुमानगढ के काश्तकार घग्घर नदी के जल से चावल की खेती करते हैं तथा यह राज्य का ’’राईस बैल्ट‘‘ भी कहलाता है। इसके अलावा बाढ के दौरान घग्घर नदी के पानी को रीचार्ज कर काश्तकार ट्यूबवैल्स के माध्यम से सिंचाई भी करते हैं।
श्रीमती राजे ने कहा कि घग्घर नदी एक अन्तर्राज्यीय नदी है जिस पर केन्द्रीय जल आयोग की अध्यक्षता में १९९० में केन्द्र सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर घग्घर स्टेन्डिंग कमेटी गठित की थी। यह कमेटी घग्घर बेसिन में विभिन्न राज्यों द्वारा करवाये जाने वाले कार्यों का अन्तर्राज्यीय दृष्टिकोण का विश्लेषण कर प्रत्येक योजना को स्वीकृति प्रदान करती है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य ने राजस्थान सरकार के विरोध के बावजूद वर्ष २००० में ओटूवेयर का ४५ हजार ९०३ क्यूसेक क्षमता हेतु निर्माण कराया जिसके उपरान्त राजस्थान राज्य को प्राप्त होने वाले पानी में बहुत कमी आई।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि नये सिरे से ओटू झील के क्षमता बढाने के लिए फिर कार्य करवाया जा रहा है। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे इस कार्य में हस्तक्षेप कर इस तुरन्त रोकने के निर्देश प्रदान करें जिससे राजस्थान को मिलने वाले पानी में और कमी ना आये।