बीकानेर। परिवार कल्याण नसबंदी ऑपरेशन में सर्जन चिकित्सकों द्वारा बरती जा रही लापरवाही एंव परिवार कल्याण विभाग द्वारा लक्ष्य प्राप्ति की होड में किये जा रहे अंधाधुंध नसबंदी ऑपरेशन के कारण जिले में हर वर्ष परिवार कल्याण नसबंदी ऑपरेशन के फैलियर केसेज की संख्या बढती जा रही हैं। परिवार कल्याण विभाग की सुचना के अनुसार वर्ष 2007-08 में जिले में कुल 44 परिवार कल्याण नसबंदी फैल हुए। जिनमें डॉ.महेश भारद्वाज द्वारा किये गये ऑपरेशन 15 एंव डॉ.बी.एल. हटीला द्वारा किये गये 12 ऑपरेशन फैल हुए। इस वर्ष डॉ.पी.एस.माथुर के 8, डॉ.आर.के.दरगड के 5, डॉ.कमला के 2 तथा डॉ.एन.के.पारीक एंव डॉ.हरीराम पेडीवाल द्वारा किये गये एक-एक नसबंदी ऑपरेशन फैल हुए। जानकारी के अनुसार वर्ष 2008-09 में जिले में कुल 55 परिवार कल्याण नसबंदी ऑपरेशन फैल हुए। जिनमें डॉ.महेश भारद्वाज के 25, डॉ.बी.एल.हटीला के 7, डॉ.आर.के.दरगड के 6, डॉ.पी.एस.माथुर के 6, डॉ.डी.के.पुरोहित, डॉ.फुल, डॉ.कमला, डॉ.हरीराम पेडीवाल व डॉ.ओ.पी.मोदी द्वारा किये गये दो-दो ऑपरेशन व डॉ.कृष्ण बिहाणी का एक नसबंदी ऑपरेशन फैल हुए। इस दौरान वर्ष 2008-09 में दो तथा वर्ष 2009-10 में दो सहित 4 महिलाओं की मौत नसबंदी ऑपरेशन के कारण हो चुकी हैं। जानकारी के अनुसार चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीयों की ढुलमुल कार्यशैली के चलते नसबंदी ऑपरेशन शिविर में लगाये जाने वाले सर्जन चिकित्सकों के विरूद्व ठोस कार्यवाही नहीं करने के कारण प्रतिवर्ष जिले में फैलियर कैसेज की संख्या बढ रही हैं। सर्जन चिकित्सकों की लापरवाही के कारण संख्या बढ रही हैं। जानकारी के अनुसार परिवार कल्याण विभाग द्वारा भी जो फैलियर कैस हुए है उनकी विस्तृत जांच में कोताही बरती जा रही हैं। सुत्रों की मानी जाये तो वे माताये जिनके ऑपरेशन फैल हो रहे हैं वे बच्चों के जन्म के बाद फैलियर कैस की सुचना दे रही हैं गर्भवती होते ही कल्याण नसबंदी ऑपरेशन के फैल होने के बाद जैसे ही महिला गर्भवती हो उसकी जानकारी संग्रहित करने की ओर ठोस कदम उठाना चाहिए।
"यह सही है कि फैलियर कैसेज में वृद्वि हुई हैं। विभाग फैलियर कैसेज को लेकर संवेदनशील हैं। जिन चिकित्सकों द्वारा किये गये नसबंदी कैसेज हालांकि जिले में आनुपातिक रूप से कम है फिर भी इनको आगे कम करने की ओर सकरात्मक कार्यवाही ही जा रही हैं।"
डॉ.सागरमल शर्मा
उप.मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी(परिवार कल्याण बीकानेर्)