श्रीगंगानगर,२० अगस्त/ राजस्थान विधानसभा के गृह समिति के अध्यक्ष एवं विधायक श्री जीतराम ने कहा कि सरकार द्वारा जन कल्याण के लिये संचालित योजनाओं के कि्रयान्वयन में किसी प्रकार का विलम्ब नही होना चाहिये। सरकार की मंशा है कि इन योजनाओ के माध्यम से आमजन की समस्या को हल कर उन्हे राहत प्रदान की जाये।
श्री जीतराम सोमवार को कलैक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित विकास योजनाओ ंकी समीक्षात्मक बैठक में बोल रहे थे। उन्होने कहा कि माननीय विधायक द्वारा किसी विकास कार्य की करने के ४५ दिन में विकास कार्य प्रारम्भ हो जाना चाहिये। कार्यकारी एजेंसी को ८० प्रतिशत राशि का अग्रिम भुगतान किया जाये तथा २० प्रतिशत राशि कार्य पूर्ण होने पर दी जावे, जिससे कि निर्माण व विकास कार्य का समय पर लाभ जनता को मिल सके।
समिति के सदस्य एवं विधायक श्री कैलाश त्रिवेदी ने कहा कि कार्यकारी एजेंसी द्वारा विलम्ब करने पर उसे स्मरण पत्र लिखा जावें। किसी तरह का भूमि विवाद हने पर आपसी समझाईस के द्वारा समाधान निकाला जावे। आमजन के हित के कार्यो में किसी प्रकार से ढीलाई नही बरते। विकास कार्य पूर्ण होने पर संबंधित विधायक के नाम की पट्टिका अवश्य लगाये।
जिला कलक्टर श्री भवानी सिंह देथा ने कहा कि स्थानीय विधायक क्षेत्रीय विकास योजना के कार्य नही है। उन्होने निर्देशित किया है कि माननीय विधायक द्वारा कार्य की करने के ४५ दिन के बाद कार्य प्रारम्भ हो जाना चाहिये। कार्यकारी एजेंसी अपने सभी कागजात अल्प अवधि में पूर्ण कर जिला कार्यालय को सुचित करे।
श्री देथा ने बताया कि विधायक क्षेत्र योजना में १२६ कार्य लम्ब्ति है। इन सभी कार्यो की १० दिन में तकनीकी स्वीकृति जारी करने के निर्देश दिये गये है। इन सभी कार्यो की ७ सितम्बर-०७ तक वित्तीय स्वीकृतियां जारी कर कार्य प्रारम्भ कर दिया जायेगा।
बैठक में ५९ एलएनपी में सामुदायिक भवन, डाबला में विधालय के कार्य, ६९ एलएनपी में चारी दीवारी, १ जेकेएम में पाईप लाईन का कार्य, मटीलीराठान में सामुदायिक केन्द्र, पुलिस विभाग द्वारा कम्प्यूटर क्रय करने के लम्बित कार्यो के अलावा जलदाय विभाग तथा विद्युत विभाग के लम्बित कार्यो पर चर्चा की गयी।
बैठक में समिति के सदस्य एवं विधायक श्री नन्द लाल पुनिया, ए.डी.एम.प्रशासन श्री परमेश्वर लाल, समिति के सहायक सचिव श्री यदूनाथ भट्ट, जिला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री कर्णसिंह, नगर आयुक्त श्री ओ. पी. बुनकर, अधिकारी श्री बी.एल. सोनी, शंकर दास स्वामी, दौलत सिंह राठौड, एक्स.ई.एन. श्री कालूराम आसेरी सहित विभिन्न कार्यकारी एजेंसियो के अधिकारियो ने भाग लिया।