बीकानेर। राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष नानूसिंह सांखला ने राज्यपाल मुख्यमंत्री शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव स्कूली शिक्षा तथा निदेशक प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा राजस्थान को पत्र लिखकर समानीकरण के शारीरिक शिक्षकों के पदों के निर्धारित मानदण्डों का विरोध किया है। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष सांखला ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने देश के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 बनाई थी, जिसमें विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य एवं शारीरिक विषय अनिवार्य रखा गया है। सांखला ने बताया कि कक्षा 11 व 12 में अन्य विषय अध्यापक तो प्राथमिक श्रेणी के रखे है तथा शारीरिक शिक्षक प्रथम या द्वितीय श्रेणी का, कक्षा 9 व 10 में अन्य अध्यापक द्वितीय श्रेणी के है जबकि शारीरिक तृतीय श्रेणी का है। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षक का पद ही समाप्त कर दिया गया यह बडी विडम्बना की बात है।