डूंगरपुर २० सितंबर/ओशो के विचार और वाणी को जन जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ओशो उपवन भीलवाडा के तत्वाधान में आयोजित रथयात्रा आज डूंगरपुर पहुंची। इसके तहत ओशो साहित्य प्रदर्शनी का आयोजन शहर के मध्य स्थित गेपसागर की पाल पर किया गया। प्रदर्शनी में ओशो के विचारों, ध्यान विधि आदि से संबंधित साहित्य एंव ऑडियो विडियो सीडी आदि प्रदर्शित किये गये जिन्हें लागत मूल्य पर आम जनता को उपलब्ध कराया गया।
रथयात्रा संयोजक स्वामी चेतनरणजीत ने बताया कि आज समूचा विश्व भौतिकता की चकाचौंध और अपरीमित महत्वाकांक्षा व पदलोलुपता की दुष्प्रवृत्ति के कारण विध्वंस की और बढता जा रहा है और ऐसी परिस्थिति में ध्यान ही एकमात्र ऐसा साधन है जिसके माध्यम से व्यक्ति स्वयं का और विश्व का कल्याण करते हुए सृजन की ओर उन्मुख हो सकता है।
उन्होंने बताया कि विगत एक हजार वर्षों से अधिक समय के दौरान विश्व में होने वाले महापुरूषों में कोई भी ऐसा नहीं होगा जिसके संदर्भ में ओशों ने अपने विचार प्रतिपादित नहीं किये ह। ओशो की इसी जनकल्याणकारी भावना को जन जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह रथयात्रा क्षेत्र के बांसवाडा, परतापुर, सागवाडा के उपरान्त डूंगरपुर में पहुंची है।
शहर के ओशो माणिक ध्यान केन्द्र के संचालक अंबालाल चौबीसा ने बताया कि प्रदर्शनी में विभिन्न पुस्तकों व प्रवचन सीडी के साथ साथ ओशो की संगीत नृत्य साधना आदि से संबंधित संगीत सीडी भी उपलब्ध है। इस दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों से आए हुए स्वामी तनसुख भारती, स्वामी प्रद्युम्न भारती, स्वामी रामस्वरूप, स्वामी धर्मरक्षित, अहमदाबाद से आईं मां पारो, मां धर्म माधुरी, राजेश जैन सहित बडी संख्या में ओशो के अनुयायी उपस्थित थे।