बीकानेर, बीकानेर नगर निगम चुनाव को लेकर राजनैतिक दलों में एक खलबली सी मची हुई है। जहॉ काग्रेस ने निगम बोर्ड को बचाये रखने के लिए अभी से अपनी तैयारीयां शुरू कर दी है वहीं भाजपा भी अपने उम्मीदवार चयन को लेकर माथपच्ची करती दिख रही है। इस दोनो दलों के लिए सबसे बडी समस्या महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण को लेकर हैं। दोनो दलों को महिला आरक्षण विधेयक खटक रहा है क्योकी राजनैतिक दलो के पास पचास प्रतिशत सीटों पर महिला उम्मीदवारों की फेहरिस्त कोई ज्यादा बडी नहर नही आ रही है। ऐसे में प्रमुख राजनैतिक दल विश्वसनीय महिला उम्मीदवारों की खोज लग गये है। अनेंक निवृत्त्त पार्षद भी अपने चुनाव हेतु अब अपने नये क्षेत्र की तलाश कर रहे है। काँग्रेस, भाजपा, बसपा, सपा, माकपा सहित अन्य पार्टीयों के कार्यकर्ता व अन्य उम्मीदवार भी पार्टी टिकट के लिए जोर आजमाईस कर रहे है। विधानसभा चुनाव के बाद सुने सुने नजर आ रहे थे उन पार्टी कार्यालयों पर निगम चुनाव की रौनक देखने को मिल रही है। इस चुनावी समर के लिए युवा कार्यकर्त्ता भी पार्टी कार्यालयों के इर्द गिर्द नजर आने लगे है। हालाकि महापौर व उपमहापौर की लाटरी निकलनी बाकी है। अगर इन पदों पर भी महिला का नम्बर आ जाता है तो नगर निगम के चुनाव की रंगत बदल सकती है।
- शिव भादाणी