बीकानेर ऊर्जा संरक्षण ही उत्पादन है के उद्देश्य की प्राप्ति के परिपेक्ष्य में इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर परिसर में आयोजित संगोष्ठी का उद्घाटन मास्टर भंवरलाल मेघवाल शिक्षामंत्री राजस्थान सरकार के कर-कमलों से सरस्वती मां के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि मास्टर भंवरलाल मेघवाल शिक्षा मंत्री राजस्थान सरकाप्रर सीडिंग अतिथि ईजी. एन.एम.माथुर सेवानिवृत मुख्य अभियंताथर्मल पावर स्टेशन कोटा विशिष्ट अतिथि रामेश्वरलाल डूडी जिला प्रमुख बीकानेर डॉ. एन.एस.राठौड डीन कॉलेज ऑफ डेयरी एण्ड फूड टेक्नोलॉजी उदयपुर इंजी. एम.एस.फगेडया सेवानिवृत मुख्य एंव डॉ.एस.एस. कच्छावा प्रोफेसर दिल्ली तकनीकी कॉलेज दिल्ली उपस्थित थे। प्राचार्य प्रो. एम.पी.पूनिया ने मुख्य अतिथि एवं विभिन्न प्रदेशों से प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया। स्वागत समारोह में इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राध्यापकों ने अतिथियों का साफा पहना एवं शॉल ओढाकर अभिनंदन किया। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. एम.पी.पूनिया ने ऊर्जा की महत्ता, उत्पादन एवं इसके उचित संरक्षण पर अपने विचार प्रकट किये। उन्होंने शिक्षामंत्री महोदय से कहा कि स्कूली शिक्षा को कॉलेज शिक्षा से जोडा जाये तथा इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर सोसायटी को इसके उच्च स्तर को ध्यान में रखते हुए इसे शीघ्र ही श्वविद्यालय का दर्जा दिलाया जाये। ओ.पी.जाखड ने बताया कि ऊर्जा वर्तमान समय की ज्वलंत समस्या है एवं इसके उत्पादन एवं खपत में अंतर बढ रहा है, इस अंतर को उचित ऊर्जा प्रबन्धन से कम किया जा सकता है। बताया कि संगोष्ठी के दौरान जो परिणाम एवं निष्कर्ष निकाले जायेंगे उन्हें राज्य सरकार को प्रेषित किया जायेगा, जिससे ऊर्जा संकट से उबरने हेतु समाधान ढूंढे जा सके।
मुख्य अतिथि श्रीमान् मास्टर भंवरलाल मेघवाल, शिक्षामंत्री, राजस्थान सरकार ने अपने उद्बोधन में कहा कि अभियांत्रिकी महाविद्यालय भविष्य के ऊर्जा संकट को ध्यान में रखकर ऊर्जा प्रबन्धन पर संगोष्ठी आयोजित करने हेतु भूरि-भूरि प्रशंसा की। विशिष्ट अतिथि रामेश्वर डूडी ने ऊर्जा प्रबन्धन के उद्देश्य को ध्यान में रखकर संगोष्ठी आयोजन पर बधाई दी तथा आश्वासन दिया कि इस संगोष्ठी से जो लाभदायक निष्कर्ष निकालेगा उसे राजस्थान सरकार को बहुत फायदा होगा। समारोह में ईजी. एन.एम.माथुर, डॉ. एन.एस.राठौड, तथा इंजी. एम.एस.फगेडया ने अपने उद्बोधन में वर्तमान की ज्वलंत समस्या ऊर्जा प्रबन्धन पर संगोष्ठी आयोजन हेतु महाविद्यालय की प्रशंसा की तथा ऊर्जा प्रबन्धन पर अपने बहुमूल्य विचार प्रकट दिये।
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