औद्योगिक विकास के लिए सकारात्मक माहौल के लिए प्रयास 20 Dec
2007
जिले में औद्योगिक विकास के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण करने के लिए जिला उद्योग केन्द्र द्वारा सार्थक प्रयास किए जा रहे है तथा इसके आशाजनक परिणाम सामने आ रहे है।
हनुमानगढ २० दिसम्बर ! जिले में औद्योगिक विकास के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण करने के लिए जिला उद्योग केन्द्र द्वारा सार्थक प्रयास किए जा रहे है तथा इसके आशाजनक परिणाम सामने आ रहे है। राज्य सरकार के चार वर्ष के कार्यकाल में जिले में औद्योगिक विकास के सम्बन्ध में सभी विभागों की जिला स्तरीय आधारभूत एजेन्सी के रूप में कार्य करते हुए जिला उद्योग केन्द्र ने उद्योगों की स्थापना के साथ-साथ उन्हें सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सभी सुविधाओं, सहायताओं आदि को उपलब्ध कराने के लिए अथक प्रयास किए ह ।
जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक श्री पी. एन. शर्मा ने बताया कि गत ४ वर्षों में जिले में कुल २८४ (अक्टूबर‘२००७ तक) लघु उद्योग स्थापित कर पंजीयन किया गया हैं तथा ३ हजार ७३५ लोगों के लिए नये लघु एवं आर्टीजन उद्योगों में रोजगार के अवसरों का सृजन किया गया है ।
उन्होंने बताया कि उद्योगों की स्थापना के साथ- साथ बुनकरों, दस्तकारों एवं शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए अनेक योजनायें संचालित की जा रही है। जिनम बुनकरों हेतु करघाघर निर्मित करने के लिए सरकार द्वारा शहरी क्षेत्र में प्रति बुनकर १०,००० रू. एवं ग्रामीण क्षेत्र में प्रति बुनकर ७,००० रू. का अनुदान दिया जा रहा है। गत ४ वर्षों में जिला उद्योग केन्द्र द्वारा ४४ बुनकरों को करघाघर स्वीकृत कर ३ लाख ८ हजार का अनुदान वितरित किया गया है तथा महात्मा गाँधी बीमा योजना एवं स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत क्रमशः १७५ एवं ४७२ बुनकरों का बीमा भी करवाया गया है ।
जिले में प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत ४ वर्षों में बैंकों द्वारा १ हजार ७८१ युवाओं को विभिन्न व्यवसायों एवं उद्योग लगाने के लिए ९७७.१५ लाख का ऋण स्वीकृत किया गया जिनमें से जिला उद्योग केन्द्र द्वारा १२३६ युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया व बैंकों द्वारा ५७१.४५ लाख ऋण वितरण किया गया। लघु उद्यमियों, दस्तकारों, हस्तशिल्पियों, स्वयं सहायता समूह व गृह उद्योग योजना तथा पीएमआरवाई के तहत प्रशिक्षित युवाओं के उत्पादों को बेचने के लिए व उनके माल की मार्केटिंग करने हेतु ४ वर्षों में ३ जिला स्तरीय उद्योग मेले भी आयोजित किये गये । इन मेलों में बडी संख्या में उद्यमियों ने भाग लिया । उद्योग केन्द्र द्वारा कम पढी लिखी एंव गरीब महिलाओं को अपने सामान्य दिनचर्या में से कुछ समय निकालकर उत्पादन गतिविधियों में भाग लेकर जीविकोपार्जन के लिए गृह उद्योग योजना के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत शिक्षित नवयुवकों को उद्योग स्थापना हेतु मार्गदर्शित एवं प्रोत्साहित करने के लिए गत ४ वर्षों में उद्यमिता विकास कार्यक्रम के आयोजन से १७० युवाओं को प्रशिक्षित किया गया। औद्योगिक इकाईयों की समस्याओं को एक ही स्थान पर हल करने के लिए जिला स्तर पर ४ व पंचायत स्तर पर १४ औद्योगिक प्रोत्साहन शिविरएवं महिला प्रोत्साहन के लिए ६ शिविर लगाए गए ।
उपभोक्ताओं के कल्याण के लिए उद्योग केन्द्र की बाट एवं माप शाखा द्वारा बाट एवं माप प्रयोगकर्ताओं के उपकरणों का सत्यापन करते हुए गत ४ वर्षों में ४१लाख ४३ हजार रूपये का राजस्व अर्जित किया गया तथा जिन उपयोगकर्ताओं द्वारा नियमों की पालना नहीं की गई उनके विरूद्ध १९२ अभियोग भी दर्ज किये गये।
दस्तकारों को केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं का लाभ प्रदान करने के लिए १२२८ शिल्पकारों के परिचय पत्र बनाये गये है, गत वर्ष प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से करीब २ हजार ५०० युवाओं को लाभान्वित किया गया। इस वर्ष यह मेला ९ जनवरी को राजीव गांधी स्टेडियम में होगा ।