डूंगरपुर २० दिसंबर/जिले में ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक गुरूवार सायं जिला परिषद सभागार में जिला कलक्टर नीरज के.पवन की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर ने समस्त अधिकारियों को निर्देश प्रदान किए कि वे ग्रामीण विकास की मंशा से प्रस्तावित समस्त योजनाओं के कार्यों को पूरी गंभीरता से संपादित करें और योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को पूरा-पूरा मिले इसके लिए प्रयास करें। उन्होंने ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में समस्त कार्य क्षेत्रें पर ग्रामीणों को कार्य मुहैया करवाने के निर्देश देते हुए कहा कि संबट्ठ अधिकारी यह सुनिश्चत करें कि योजना के तहत श्रमिक को सौ दिनों का रोजगार प्रावधानों के अनुसार मुहैया करवाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्षेत्र पर पांच के समूह में रोजगार प्रदान करने के प्रावधान भी सुनिश्वत करने को कहा। लोक निर्माण विभाग व अन्य संबट्ठ विभागों द्वारा पांच के समूह में रोजगार प्रदान नहीं करने पर कलक्टर ने निर्देशित किया कि इस प्रावधान की कठोरता से पालना सुनिश्चत हो। इस मौके पर उन्होंने ग्रामीण विकास की समस्त योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। कलक्टर पवन ने अधिकारियों को निर्देश प्रदान किए कि स्वर्ण जयंती रोजगार योजना तथा राष्ट्रीय काम के बदले अनाज कार्यक्रम के तहत शेष रही यूसी व सीसी को तत्काल प्रभाव से उपलब्ध करावें। उन्होंने बीआरजीएफ योजना के तहत कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण कराने के भी निर्देश प्रदान किए। बैठक को संबोधित करते हुए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्यप्रकाश ने कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्रें के साथ ही ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की सफलता की कहानियों को उपलब्ध कराने को कहा।
बैठक में अधिशासी अभियंता अशोक जैन द्वारा ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की प्रगति के बारे में जानकारी ली और बकाया प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करवाने को कहा।
इस अवसर पर नरेगा के कार्यक्रम अधिकारी, विकास अधिकारी और अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।