महिलाओं पर अत्याचार में कमी आई-अध्यक्ष, राज्य महिला आयग
20 Dec
2007
महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती तारा भंडारी ने कहा कि महिला अत्याचार व हिंसा पर नियंत्रण के लिए उठाये जा रहे कारगर कदमों के फलस्वरूप राज्य में महिलाओं के विरुद्ध हिंसा में कमी आई है।
जयपुर, २० दिसम्बर। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती तारा भंडारी ने कहा कि महिला अत्याचार व हिंसा पर नियंत्रण के लिए उठाये जा रहे कारगर कदमों के फलस्वरूप राज्य में महिलाओं के विरुद्ध हिंसा में कमी आई है।
श्रीमती भंडारी गत दिनों प्रकाशित समाचारों में राजस्थान में महिला हिंसा व अत्याचार बढने तथा राष्ट्रीय स्तर पर महिला हिंसा के संबंध में हुए सर्वे के आकडों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहीं थीं।
उन्हने कहा कि महिलाओं में जानकारी और चेतना बढी है। समाज सेवी संगठनों, परिवार परामर्श केन्द्रों, पुलिस व महिला आयोग के प्रयासों से महिलाएं अपनी पीडा बता पा रही हैं। जिस कारण मुकदमें दर्ज हो रहे हैं। साथ ही घरेलू हिंसा प्रतिषेध अधिनियम के अन्तर्गत त्वरित न्याय मिलने की उम्मीदों के कारण दर्ज होने वाले मुकदमों की संख्या बढ रही है। दर्ज प्रकरणों की संख्या महिला हिंसा बढने का प्रतीक नहीं माना जा सकता।
दूसरी ओर पतियों द्वारा पिटने को महिलाओं की सहमति के मुद्दे पर भी श्रीमती भंडारी ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि महिला अपने परिवार को टूटने से बचाने तथा अपने बच्चों का पालन-पोषण की मजबूरी के चलते छोटी-मोटी हिंसा को सहन करती है, परन्तु इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि वे इस हिंसा का समर्थन करती हैं। इस प्रकार के सर्वे में रखे गए प्रश्नों का औचित्य व पृष्ठभूमि की जांच की जानी आवश्यक है।
श्रीमती भंडारी ने कहा कि राजस्थान की महिलाओं में चेतना आई है कि वे अब इस अत्याचार को सहन नहीं करेंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि महिला हिंसा के संबंध में पुलिस, महिला आयोग, परिवार परामर्श केन्द्र आदि महिलाओं पर हो रही हिंसा को संधारित करते हैं, परन्तु इनका संकलित आकलन कहीं मौजूद नहीं है। अतः इन आकडों के लिए महिला आयोग राज्य के शीर्ष स्तर पर एक पृथक आई.जी. महिला प्रकोष्ठ गठित करने की अनुशंषा करता है, जहां पर पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी की निगरानी में महिला हिंसा व महिलाओं पर हो रहे आपराधिक प्रकरणों की सही जानकारी रखी जा सकेगी।
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