आवासन मण्डल, जयपुर व जोधपुर विकास प्राधिकरणों तथा नगर विकास न्यासों में मनोनयन समाप्त
20 Dec
2008
राजस्थान आवासन मण्डल जयपुर, जोधपुर एवं जयपुर विकास प्राधिकरणों तथा अनेक नगर सुधार न्यासों के अध्यक्षों एवं सदस्यों की नियुक्तियां एवं मनोनयन राज्य सरकार ने तुरन्त प्रभाव से समाप्त
जयपुर, राजस्थान आवासन मण्डल जयपुर, जोधपुर एवं जयपुर विकास प्राधिकरणों तथा अनेक नगर सुधार न्यासों के अध्यक्षों एवं सदस्यों की नियुक्तियां एवं मनोनयन राज्य सरकार ने तुरन्त प्रभाव से समाप्त कर दिया है। वहीं राजस्थान आवासन मण्डल अध्यक्ष अजयपाल सिंह द्वारा प्रेषित त्याग पत्र को राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से स्वीकृत कर लिया।
नगरीय विकास विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार राजस्थान आवासन मण्डल अधिनियम १९७॰ की धारा ५ (१) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (पर्यावरण) श्रीमती आर.आर. हल्दिया को मण्डल अध्यक्ष के रूप में अग्रिम आदेशों तक नियुक्त किया है। साथ ही राज्य सरकार ने राजस्थान आवासन मण्डल में गैर सरकारी सदस्यों के रूप में नियुक्त रामस्वरूप जांगिड (जयपुर), शम्भुदयाल बडगुर्जर(केकडी), विनोद यादव (जयपुर), श्याम सुन्दर शर्मा (झालावाड) तथा रामप्रकाश चौधरी (जोधपुर) की नियुक्ति तुरन्त प्रभाव से समाप्त कर दी है।
अन्य अधिसूचना के अनुसार राज्य सरकार ने जोधपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त तत्कालीन नगरीय विकास विभाग राज्यमंत्री की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। इस क्रम में अग्रिम आदेशों तक जोधपुर के संभागीय आयुक्त अपने मूल पद के साथ प्राधिकरण के अध्यक्ष का कार्यभार भी देखेंगे। इसी क्रम में जयपुर विकास प्राधिकरण में गैर सरकारी सदस्यों के रूप में नियुक्त मोहनलाल गुप्ता, सुरेन्द्र पारीक, वीरूसिंह राठौड, कन्हैयालाल मीणा, नवरतन राजोरिया, ओम भाटी एवं श्रीमती मंजू शर्मा का मनोनयन तुरन्त प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।
अधिसूचनाओं के अनुसार ही राज्य सरकार ने लोकहित में नगर सुधार न्यास, बीकानेर के अध्यक्ष श्रीगोपाल अग्रवाल, भीलवाड के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण डाड, श्रीगंगानगर के अध्यक्ष श्रीमती सीमा पेडीवाल, भरतपुर के अध्यक्ष गुलराज गोपाल खण्डेलवाल तथा उदयपुर के अध्यक्ष शिव किशोर सनाढ्य की नियुक्ति तुरन्त प्रभाव से राजस्थान नगर सुधार न्यास अधिनियम १९५९ (१९५९ का अधिनियम सं. ३५) की धारा १४(क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए समाप्त कर दी।
इसी क्रम में राज्य सरकार ने नगर सुधार न्यास भीलवाडा के सरकारी सदस्यों (न्यासी) श्रीमती लीला खण्डेलवाल, श्रीमती अर्चना ओझा, भवानी राम मेघवंशी, रामलाल योगी, कैलाश जीनगर, योगेन्द्र शर्मा, प्रहलाल त्रिपाठी, शांतिलाल गुर्जर, अशोक सिसोदिया, भगत सिंह चौधरी, चेतन मानसिंहका, मदन लाल अग्रवाल, देवीलाल जाट, इसलामुद्दीन शेख, विनोद जुर्रानी, प्रभुसिंह शेखावत एवं प्रशात मेवाडा की नियुक्ति तुरन्त प्रभाव से समाप्त कर दी है। जबकि नगर सुधार न्यास, भरतपुर के न्यासी संजीव खण्डेलवाल, गिरधारी लाल गुप्ता, महेन्द्र सिंह मग्गो, शरीफ खाँ, देवेन्द्र मित्तल, नरेन्द्र सिंह, रोशन सिरोदिया, श्याम सुन्दर शर्मा, दिगम्बर सिंह बांसरोली, भीमासिंह, शैलेश कौशिक, डॉ. दयाचन्द निमेष तथा श्रीमती संतोश फौजदार की नियुक्ति तुरन्त प्रभाव से समाप्त कर दी है।
अधिसूचना के अनुसार नगर सुधार न्यास उदयपुर के न्यासी युधिष्ठर कुमावत, मांगीलाल जोशी, कुन्तीलाल जैन, लोकेश द्विवेदी, ग्यासुद्दीन, राजेद्र बोर्दिया, प्रभुदास पाहूजा, कन्हैयालाल समदानी, गुरप्रीत सिंह सोनी, पारस सिंघवी, फूला सिंह मीणा, अमृत मेघवाल, चन्द्रगुप्त सिंह चौहान, सुनील कोठारी, धनपाल स्वामी, डा. लक्ष्मीनारायण नन्दवाना तथा श्रीमती लता नायक, श्रीमती आजाद उदावत एवं श्रीमती शशि शर्मा की नियुक्ति समाप्त की गई है।
इसी क्रम में नगर सुधार न्यास अजमेर के न्यासी प्रियशील हाडा, कन्हैयालाल सोनी, वीरेन्द्र बहल, यशोदानन्दन चौहान, अरविन्द यादव, अरविन्द शर्मा, संजय खण्डेलवाल, सफी मोहम्मद, सम्पत सांखला, सुरेन्द्र गोयल, अजय वर्मा, डॉ. सुभाष माहेश्वरी तथा श्रीमती कुसुम शर्मा एवं श्रीमती कमला गोखरू की नियुक्ति तुरन्त प्रभाव से समाप्त की गई।
अधिसूचना के अनुसार राज्य सरकार ने बीकानेर, भरतपुर, भीलवाडा, श्रीगंगानगर एवं उदयपुर के जिला कलेक्टरों को संबंधित जिलों के नगर विकास न्यास के अध्यक्ष पद का अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण करने का आदेश भी जारी किया है।
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