पक्षपातपूर्ण कार्यवाही का विरोध, कायदे कानूर तक पर
21 Jan
2008 ग्रामीणों ने किया ठीकरिया ग्राम पंचायत की पक्षपातपूर्ण कार्यवाही का विरोध, कायदे कानून ताक में, मनमाने नोटिस से ग्रामीण त्रस्त
बांसवाडा, (वागड विजन) पंचायतीराज के सारे कायदे कानूनों और मर्यादाओं को ताक में रखकर बांसवाडा शहर से सटी ठीकरिया ग्राम पंचायत के तानाशाहीपूर्ण रवैये और बेवजह परेशान करने की नीयत से जारी नोटिस को लेकर ग्रामीणों में रोष व आक्रोष व्याप्त है।
इसे लेकर ग्रामीणों की ओर से सोमवार को जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की गई और कहा गया कि ग्राम पंचायत और पंचायत समिति की धांधलियां आखिर रुकनी ही चाहिएं।
इस मामले को लेकर ग्रामीण जन प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और ग्रामीणों ने सोमवार को पूर्व विधायक भाणजी भाई के नेतृत्व में कार्यवाहक जिला कलक्टर अबरार अहमद को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया है कि गांव के बुजुर्ग समाजसेवी दुर्गाशंकर व्यास के नाम ग्राम पंचायत ने बिना किसी आधार के जो नोटिस जारी किया है वह ग्राम पंचायत की किसी ओर मंशा को व्यक्त करता है तथा यह उनके परिवार को परेशान करने की साजिश है।
ज्ञापन में बताया गया है कि श्री व्यास को ग्राम पंचायत ने मकान के आगे अतिक्रमण का नोटिस दिया है जबकि हकीकत यह है कि जिस भूमि को लेकर नोटिस दिया गया है वह ग्राम पंचायत की है ही नहीं। यह भूमि सार्वजनिक निर्माण विभाग की है। इस भूमि पर किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं किया गया है बल्कि वहां से गुजर रही माही की केनाल तथा साढे चार फीट के बरसाती नाले से घर में प्रवेश के लिए रास्ता बनाया गया है जो किसी भी प्रकार से अतिक्रमण की श्रेणी में नहीं आता है। इस प्रकार के रास्ते गांव में पचास से अधिक लोगों ने बनाए हुए हैं।
ग्रामीणों ने कार्यवाहक जिला कलक्टर को बताया कि ग्राम पंचायत ने नाली निर्माण के लिए तीन फीट की मंजूरी जारी की है जबकि व्यास को परेशान करने की नीयत से उनके घर के आगे नाली का आकार साढे चार फीट कर दिया। इस मामले में जनसुनवाई के दौरान् भी स्पष्ट निर्देश दिए गए थे लेकिन ग्राम पंचायत ने मनमानी और पक्षपात करते हुए निर्माण का आकार गैर कानूनी ढंग से बढा दिया।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि ठीकरिया ग्राम पंचायत की मनमानी और अंधेरगर्दी के चलते पूरे ठीकरिया में अतिक्रमणों की भरमार है। लेकिन ग्राम पंचायत ने सिर्फ एक ही परिवार को अतिक्रमण का नोटिस दिया है।
कार्यवाहक जिला कलक्टर ने ग्रामीणों के शिष्ष्ट मण्डल के समक्ष स्वीकार किया कि ठीकरिया ग्राम पंचायत इस मामले में गडबडी कर रही है और मामले को उलझा रही है।
इस बारे में कार्यवाहक जिला कलक्टर ने बांसवाडा पंचायत समिति के विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि इस सारे मामले की जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपे तथा ग्राम पंचायत की मनमानी पर तत्काल अंकुश लगाया जाए ताकि नोटिस देकर ग्रामीणों को परेशान करने का धंधा बंद हो सके।
इसी मामले को लेकर बांसवाडा के मीडियाकर्मियों ने भी कार्यवाहक जिला कलक्टर से भेंट की और ठीकरिया ग्राम पंचायत के भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और अंधेरगर्दी पर अंकुश लगाने की मांग की।