खेतों पर बिछि सफेद चादर, पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट मे
21 Jan
2008
विकास यादव
श्रीगंगानगर, (का.सं.) आज सुबह खेतों में अद्भुत नजारा देखने को मिला। काश्तकार तडके जैसे ही खेतों में गये, वहां हरीतिमा गायब थी और उसके स्थान पर खेतों में सफेद चादर बिछी हुई मिली। इतना ही नहीं शहरों में भी सडकों व घरों की छतों पर कमोबेश ऐसी ही स्थिति रही। कई स्थानों पर बाहर खुले में पडा पानी जमने के भी समाचार हैं। चूरू में पारा शून्य से दो डिग्री नीचे रहा।
उत्तर के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी हिमपात के कारण पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में है। बर्फीली हवाओं के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आज दिन में धूप खिलने के बाद भी सर्द हवाएं अपना असर दिखातीं रही। कल दिन में भी करीब-करीब ऐसी ही स्थिति थी। रविवार सुबह न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस तथा अधिकतम तापमान 17.7 डिग्री सेल्सियस रहा। रविवार-सोमवार रात को न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे जाकर ॰.5 डिग्री सेल्सियस रहा। सोमवार दिन में अधिकतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। तापमान शून्य के नीचे जाने से अनेक स्थानों पर पानी जम गया। कई स्थानों पर बर्फबारी की खबर है। आज सुबह खेतों, घरों की छतों, सडकों, मैदानों, पेड-पौधों पर बर्फबारी की परत दिखाई थी। रातभर हाड कम्पाने वाली ठण्ड पडती रही। लोग जल्दी ही घरों में जा दुबके। कल वैसे भी रविवार था और रात आठ बजे ही सडकों पर सन्नाटा पसर गया। कई बरसों के बाद गंगानगर एवं हनुमानगढ क्षेत्रों में तापमान जमाव बिन्दू से नीचे आया है। हालांकि गंगानगर में तापमान माइनस ॰.5 डिग्री सेल्सियस चला गया, लेकिन ग्रामीणों के अनुमान के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में पारा शून्य से 2 डिग्री नीचे रहा है। पारा जमाव बिन्दू से नीचे जाने के कारण सरसों व चने की फसल चौपट हो गई है। किसान दिल थाम कर रह गए हैं। एक ही रात में पारा तीन डिग्री से नीचे 2.8 से ॰.5 डिग्री आ गिरा। गेहूं की फसल को नुकसान नहीं हुआ है। सब्जियों को भी हानि पहुंचने की जानकारी है। पशुपालकों को भी अपने पशुधन की अधिक सार-सम्भाल करनी पड रही है। इसी तरह चूरू में पारा (-) 2 डिग्री रहा, लेकिन ग्रामीण अंचलों में -4 डिग्री देखा गया। कई गांवों में पानी जमने की सूचना मिली है।
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