राजीव गांधी की हत्या की दोषी नलिनी श्रीहरन 19 साल जेल में बिताने के बाद अब जेल से रिहा हो सकती हैं। नलिनी के जेल में व्यवहार को देखते हुए तमिलनाडू सरकार द्वारा गठित एडवायजरी बोर्ड ने उसे रिहा करने की सिफारिश की है। फिलहाल इस एडवायजरी बोर्ड की सिफारिश पर सरकार का फैसला देना बाकी है। पिछले साल राजीव गांधी की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा ने नलिनी से जेल में मुलाकात कर राज्य सरकार से उसे छोड़ने की सिफारिश की थी। नलिनी ने भी अपील की थी कि उसकी बेटी अब बड़ी हो गई है और उसका पति भी जेल में है, जिसे देखते हुए उसे छोड़ा जाए। वैल्लोर के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर की अगुवाई में गठित इस बोर्ड के समक्ष नलिनी को बुधवार को पेश किया गया। इस बोर्ड में कलेक्टर के अलावा, डिस्ट्रिक्ट जज, प्रोबेशन ऑफिसर और वैल्लोर महिला जेल की सुप्रीटेंडेंट शामिल हैं। गुरूवार को बोर्ड अपनी सिफारिश सरकार को भेजेगी,जिसके बाद नलिनी के जेल से छोड़े जाने पर फैसला हो सकता है।21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या हुई थी, जिसके आरोप में 14 जून 1991 को नलिनी को गिरफ्तार किया गया था। 28 जनवरी 1998 को नलिनी समेत 25 अन्य लोगों को इस हत्याकांड में दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 11 मई 1999 पर नलिनी समेत चार की मौत की सजा पर मुहर लगा दी थी। अप्रेल 2000 में सोनिया गांधी के बयान, राज्य कैबिनेट की सिफारिश पर तमिलनाडू के राज्यपाल ने मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया था।