जयपुर] राजकीय एवं निजी महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा इसके प्रबंधन में पारदर्शी कुशलता लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा उच्च शिक्षा सुधार आयोग का गठन किया जायेगा।
सोमवार को विधान सभा में अनुदान मांगों पर हुई बहस का जवाब देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रदेश के सभी राजकीय महाविद्यालयों में निजी क्षेत्र की सहभागिता से युवा विकास केन्द्रों की स्थापना की जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्नातक स्तर के महाविद्यालयों में दस अतिरिक्त विषय तथा स्नातकोत्तर स्तर पर भी दस अतिरिक्त विषय इस वर्ष प्रांरभ किये जायेंगे।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि राजकीय महाविद्यालयों में स्थित प्रयोगशालाओं में नवीन उपकरण क्रय करने हेतु इस वर्ष 4 करोड रुपये व्यय किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि राजकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशालाओं के संचालन तथा उपकरणों के रखरखाव हेतु आवंटित बजट राशि के तीन गुना करते हुए इस वर्ष 70 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान की जायेगी। जिससे विद्यार्थियों को प्रयोगशाला शिक्षा में गुणवत्ता का स्तर सुधारने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा के वर्तमान स्वरूप को परिवर्तित कर इसे व्यापक एवं गुणात्मक बनाया जा रहा है। प्रदेश में वर्तमान में कुल 1032 महाविद्यालय हैं जिनमें 126 राजकीय महाविद्यालय, 15 राजकीय विधि महाविद्यालय, 71 अनुदानित महाविद्यालय, 808 निजी महाविद्यालय, 9 स्ववित्त पोषी संस्थाएं तथा 3 निजी सहभागिता से स्थापित महाविद्यालय हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में 14 विश्वविद्यालय संचालित हैं जिनमें 8 उच्च शिक्षा, 2 कृषि, 2 चिकित्सा एवं तकनीकी शिक्षा तथा एक स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में 13 निजी विश्वविद्यालय भी संचालित हैं।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता बनाये रखने के लिए राज्य सरकार ने रेगूलेटरी मैकेनिज्म स्थापित करने की दिशा में सुझाव देने हेतु एक समिति का गठन किया है।
उन्होंने बताया कि राजकीय महाविद्यालयों में हाल ही में विभाग द्वारा 425 अभ्यार्थियों को नियुक्ति देकर रिक्त पदों को भरा गया है तथा 457 पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया खेलों एवं शारीरिक शिक्षा को बढावा देने के उद्देश्य से शारीरिक शिक्षकों के रिक्त पडे 72 पदों को भरा जायेगा। इसी प्रकार राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के महाविद्यालयों में प्रथम बार मूक बधिर एवं अंध छात्रों के लिए महाविद्यालय शिक्षा में प्रवेश द्वार खोला है, जिससे अब छात्र-छात्राएं महाविद्यालयों में प्रवेश पा सकेंगे। इसके लिए अतिरिक्त सीटों का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने हनुमानगढ जिला मुख्यालय पर राजकीय महाविद्यालय खोलने की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षकों के संशोधित वेतनमान के संबंध में चढ्ढा समिति की सिफारिशों पर विचार करने हेतु राज्य सरकार द्वारा एक समिति का गठन किया गया है जिसकी रिपोर्ट जो दो माह में प्राप्त कर संशोधित वेतनमान लागू किये जायेंगे।
उन्होंने बताया कि सत्र 2009-10 महाविद्यालयों के विभिन्न संस्थाओं में 60 नये वर्ग आवंटित किये गये तथा कला, विज्ञान एवं वाणिज्य विषयों में स्वीकृत सभी विषयों में 20-20 सीटें बढाई गयी है। इससे राज्य में लगभग 25 हजार विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा।
प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को पी.एम.टी., पी.ई.टी. एवं अन्य प्रतियोगी परिक्षाओं की प्रवेश परीक्षा की तैयारियों हेतु राज्य के समस्त जिला मुख्यालयों पर स्थित राजकीय महाविद्यालयों, स्ववित्त पोषित योजना के अन्तर्गत कोचिंग कक्षाएं आरंभ की जायेंगी। इसी प्रकार राज्य सेवाओं में प्रवेश हेतु प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु प्रथम चरण में सभी संभाग मुख्यालयों पर स्ववित्त पोषित योजना के अन्तर्गत कोचिंग कक्षाएं आरंभ की जायेगी।