बीकानेर को पोलिथिन से मुक्त करने के उदेश्य से वीर सावरकर सामाजिक कार्य समिति के कार्यालय में पोलिथिन हटाओं स्वास्थ्य बचाओं विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सगोष्ठी में विभिन्न वक्ताओं ने पोलिथिन के दुष्प्रभाओं के बारे में चर्चा करते हुए उसे सरकार और आमजन के सहयोग से मिटाने की पहल पर जोर दिया।
वरिष्ठ पत्रकार अशोक माथुर ने कहा कि गतवर्ष बीकानेर में नगर निगम गठित होते ही बडे जोर शोर से जिले को पोलिथिन मुक्त कराने के लिए एक समिति का गठन किया गया था। लेकिन यह समिति भी सिर्फ कागजीबन कर रह गई है राज्य सरकार द्वारा पोलिथिन पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद पोलिथिन का प्रयोग निर्बाध रूप से जारी है। पोलिथिन पशू धन और आम आदमी के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बीमारियो का कारण बनता जा रहा है।
राजीव गांधी युथ फैडरेशन की जिला अध्यक्ष श्रीमती सुमन त्रिपाठी ने कहा कि जिले को पोलोथिन से मुक्त कराने के लिए सरकार के साथ साथ स्वयसेवी संस्थाओं और आमजन के सहयोग और सहभागिता की आवश्यकता है। इस प्रकार के अभियान को लगातार चला कर लोगों में जन जागृति लाने पर ही इस प्रतिबद्ध लग सकता है।
युवा भारत संस्थान के सचिव दिनेश पाण्डे नेकच्ची बस्तियों और ग्रामीण क्षेत्रों में पोलिथिन के बढते उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कागज का बैग इसका विकल्प बन सकते है।उन्होने कहा कि दुकानदारों के सहयोग से ही पोलिथिन पर प्रतिबंद्ध लग सकता है।
समाजसेवी सुनीता गौड ने कहा कि पोलिथिन से प्रर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। जिससे अनेक प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो रही है। आरयूआईडीपी द्वारा नगर निगम के कर्मचारियों को ठोस कचरा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण दियागया था। इसके बावजूद शहर मे जगह जगह पोलिथिन के ढेर लगे हुए है। जिससे आवारा पशू खाकर अपनी जान गवा रहे है। श्रीमती गौड ने नगर निगम के महापौर और जिला कलक्टर से पोलिथिन पर सम्पूर्ण प्रतिबंद्ध की मांग की है। कार्यक्रम मे समिति के सचिव दीपक मोगा ने कहा कि सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में पोलिथिन मुक्ति के लिए छात्रों से संकल्प पत्र भरवाये जायेंगे। समिति के अध्यक्ष महेश सिंह राठौड ने आंगतुकों को आभार व्यक्त किया।