डूंगरपुर २१ नवंबर/शाही अंदाज में सजा गज, कतारबद्ध ऊंट और सजे धजे अश्व और अश्वारोही के साथ लोकनर्तकं, कलाकारों और आम जनों के साथ राजसी अंदाज में निकला वरघोडा देखने आज सारा शहर ही उमड पडा। हर आमो खास आज वागड परिवेश व लोक कलाकारों के संगम को शहर की सडकों को देखने के लिए उत्साहित नजर आया और हर किसी ने इस अभूतपूर्व आयोजन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
मौका था डूंगरपुर के स्थापना दिवस और वागड महोत्सव ०७ के अवसर पर शहर मे निकली भव्य शोभायात्रा का। अपराह्न तीन बजे जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग और नगरपालिका के तत्वावधान में आयोजित हो रहे वागड महोत्सव के रंगारंग उद्घाटन के पश्चात स्थानीय लक्ष्मण मैदान से ही ढोल-ढमाकों, लोक वाद्यों की सुमधुर धुनों, पुलिस बैण्ड, एम बी सी बेण्ड, महारावल उच्च माध्यमिक विद्यालय, सोफिया विद्यालय, विद्यानिकेत माध्यमिक विद्यालय इंजीनियर की गली, विद्यानिकेतन गोकुलपुरा के बेण्ड की मनोहारी धुन के साथ भव्य शोभायात्रा निकली। शोभायात्रा का नेतृत्व नगरपालिका अध्यक्ष शंकरसिंह सोलंकी ने अश्व पर आरूढ होकर किया वहीं अतिरिक्त जिला कलक्टर टीआर जोशी प्रशासनिक अमले की अगुवाई व मार्गदर्शन कर रहे थे।
इसमें वागड अंचल के लोक कलाकारों के साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से आए मशहूर कलाकारों, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के कलाकारों ने अपने-अपने प्रदेश की मौलिक सांस्कृतिक कलात्मक वेशभूषा में शामिल होकर और रास्ते भर नृत्य-गायन कर लोगों का मन मोह लिया। शोभायात्रा में एक हाथी, ऊॅंट व ११ घोडे मय सवार, कलशधारी महिलाएं, देवेन्द्र बालिका उमावि विद्यालय की बालिकाएं, कलेक्ट्रेट परिसर के सभी अधिकारी व कर्मचारी सम्मिलित हुए। वागड अंचल के कलाकार वनवासी संस्कृति और वागड की पुरातन परम्पराओं की झलक दिखाते हुए पारंपरिक वेशभूषा में सम्मिलित हुए। जिले की पांचों पंचायत समितियों से गैर नर्तकों एक-एक का दल भी अपनी अपनी शैली में शोभायात्रा में रंग जमा रहे थे।
शोभायात्रा लक्ष्मण मैदान से निकल कर तहसील चौराहा, गेपसागर, पुराना हॉस्पिटल सर्कल, माणक चौक, मोची बाजार आदि मुख्य मार्गों से होती हुई वापस गेपसागर पाल पर पहुंची यहां पर भव्य दीपदान कार्यक्रम आयोजित हुआ।जिसमें शहर के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थिय ने आकर्षक वेशभूषा में तीन हजार से अधिक दीपकों को गेपसागर के पानी में प्रवाहित किया वहीं पार्श्व में पर्यटन विभाग की ओर से मशहूर शोरगर मोहम्मद ईकराम वे मोहम्मद उस्मान ने भव्य आतिशबाजी का नजारा पेश किया।
झांकियों ने मन मोहा
शोभायात्रा में इस बार विशेष रूप से शामिल की गई जिले की पांचों पंचायत समितियों की झांकिया आकर्षण का केन्द्र रही। इन झांकियों में पर्यटन की दृष्टि से प्रसिद्ध स्थलों सहित लोकजीवन का चित्रण किया गया था। अद्भुत शिल्पकारी के नमूने देव सोमनाथ के विशाल चित्र डगरपुर पंचायत समिति का प्रमुख आकर्षण थी, आसपुर पंचायत समिति की झांकी ने निष्कलंक अवतार का प्रतिरूप, सागवाडा पंचायत समिति ने गलियाकोट दरगाह की झांकी प्रदर्शित की। पंचायत समिति बिछीवाडा ने ग्रामीण लोकजीवन का नजारा पेश किया तो खास आकर्षण का केन्द्र बनी सीमलवाडा पंचायत समिति की झकी में वीर बाला कालीबाई की शहादत की घटना का नजारा पेश किया।
विशाल हाथी ने लुभाया
शोभायात्रा में बडों से लेकर बच्चों सभी के लिए विेशेष आकर्षण था। कई लोग विभिन्न नृत्य शैलियों को देखकर आनन्दित हुए तों बच्चों ने हाथी - घोडों को देखकर खुशियां व्यक्त किया। शहर के अन्दरूनी ईलाकों मं कई बालक तो ऐसे थे जिन्होंने हाथी को पहली बार इतने करीब से देखा था।