डूंगरपुर २१ नवंबर/बहुरंगी सांस्कृतिक छटा और बेजोड विरासत के धनी डूंगरपुर के ७२६ वें स्थापना दिवस की शुभ प्रभात में आयोजित ’रन-फॉर-वागड‘ में हजारों बाल-अबाल-वृद्धजनों ने सम्मिलित होकर पांच दिवसीय रंगारंग आयोजन के प्रति अपनी श्रद्धा व विश्वास को उजागर किया। अल सुबह अपने स्थापना दिवस के उत्साह से लबरेज ’रन-फॉर-वागड‘ के आयोजन में ऐसा हुजूम उमडा कि मानो इस आयोजन में सम्मिलित होने के लिए सारा डूंगरपुर ही दौड पडा हो।
जिला कलेक्ट्रेट परिसर में जिला कलक्टर नीरज के.पवन ने स्फूर्ति, ताजगी और उत्साह की त्रिवेणी प्रवाहित करने वाले ’रन-फॉर-वागड‘ को हरी झण्डी दिखाई और स्वयं ने इसका नेतृत्व किया। दूसरी तरफ डाईट भवन परिसर से भी विद्यार्थियों का एक रैला इस रन में सम्मिलित होने के लिए निकला। कलक्टर के साथ ही नगरपालिका अध्यक्ष शंकरसिंह सोलंकी, अतिरिक्त कलक्टर टीआर जोशी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्यप्रकाश, महिला एवं बाल विकास उपनिदेशक उषा राव, जिला शिक्षा अधिकारी शांतिलाल खराडी, उपखण्ड अधिकारी रामचंद्र खराडी, पुलिस उपाधीक्षक कैलाशदान, इतिहासविद् महेश पुरोहित, साहित्यकार रफीक अहमद कंधारी, पार्षद दिनेश चौबीसा, मंजूला देवी टेलर, माया सुथार, मीना सोमपुरा, रमा कंसारा समेत कई जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी, हजारों की तादाद में शहर के विद्यालयों के विद्यार्थी, वन विभाग की विभिन्न रेंजों से आए अधिकारी व कर्मचारी, नगरपालिका और अन्य कई विभागों के कर्मचारी व गणमान्य नागरिक भी दौड में सम्मिलित हुए।
दोनों तरफ से निकली कतारों का मिलन तहसील चौराहे पर हुआ और यहां से लगभग पांच हजार व्यक्तियों की कतार गेपसागर पाल, पुराना हास्पीटल चौराहा, सोनिया चौक, माणक चौक, दर्जी वाडा, मोची वाडा होता हुआ वापस लक्ष्मण मैदान पहुंची। यहां पर सभी संभागियों को मेवाड डेयरी के डूंगरलाल पटेल की तरफ से जलेबी व सरस डेयरी की तरफ से गर्मागर्म दूध उपलब्ध कराया।
मानव श्रृंखला ने पुराने शहर को बांधा रन-फॉर-वागड में हजारों लोगों की उपस्थिति से लगभग एक से डेढ किलोमीटर लंबी कतार बन गई । इस कतार का प्रारंभिक किनारा प्रातः ८ बजे जब पुराने शहर में प्रवेश कर रहा था तो इसका अंतिम सिरा पुराने बस स्टेण्ड को छू रहा था । इसी प्रकार सवा आठ बजे जब इसका पहला सिरा सारे शहर में घूमकर पुराना अस्पताल चौराहा तक पहुंचा तब अंतिम सिरा भी चौराहे पर ही था। इस प्रकार मानव श्रृंखला ने शहर को वृत्ताकार रूप में बांध लिया । कई लोगों ने इस नजारे को बडी उत्सुकता से देखा।
हजारों पदचापों ने तोडी तंद्रा रन-फॉर-वागड में सम्मिलित हजारों लोग जब शहर की सकडी गलियों से अल सुबह ही दौडते हुए गुजरे तो कई शहरवासियों की तंद्रा हजारों की पदचापों से टूट गई और यह नजारा देखने घरों से बाहर निकल आए। कई अलसाए चेहरे भी इस दौड को देखने के लिए अपने घरों की मुण्डेर से झांकते नजर आए।
अरे....ये सोनिया चौक है जिला कलक्टर नीरज के.पवन और कई अधिकारी शहर के विभिन्न मोहल्ले में पहली बार पैदल घूमे। सभी अधिकारियों व खुद कलक्टर ने कई मोहल्लों के नामों के बारे में जानकर उनके बारे में उत्सुकता दिखाई वहीं दौड में सम्मिलित पार्षदों ने भी अपने मोहल्लों के बारे में जानकारी दी।